जयपुर

जयपुर: 76 लाख की ठगी मामले में तीसरा ठग गिरफ्तार, बुजुर्ग दंपती से मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर तुड़वाई थी FD

Jaipur Cyber Fraud: जयपुर में बुजुर्ग दंपती से 76 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में यूपी से तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने NIA और पुलिस अधिकारी बनकर दंपती को मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी और उनकी FD तुड़वाकर रकम ट्रांसफर करवाई।
2 min read
Sep 17, 2026
digital arrest scam Rajasthan
76 लाख की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी ताहिर (Photo-Patrika)

जयपुर. साइबर ठगों ने पुलिस, एटीएस और एनआईए अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग दंपति को 'डिजिटल अरेस्ट' किया और आतंकवादी गतिविधियों व मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर उनकी वर्षों की बचत हड़प ली। आरोपियों ने दंपति से 76 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराए। मामले की जांच में रकम की बैंकिंग मनी ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राज्य साइबर थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर निवासी ताहिर को मंगलवार रात को गिरफ्तार किया है। एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। घटना के बाद 14 अगस्त को मुकदमा दर्ज करवाया था।

'आपके आधार से हुआ अपराध'

थानाधिकारी गजेन्द्र शर्मा ने बताया कि जयपुर निवासी दंपति को पहले वाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों और करोड़ों रुपए के वित्तीय अपराध में हुआ है। इसके बाद गिरफ्तारी और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी गई। ठगों ने वाट्सऐप पर कथित एनआइए का नोटिस भेजा और जांच पूरी होने के बाद 'अनापत्ति प्रमाण-पत्र' व 'सुरक्षा प्रमाण पत्र' देने का झांसा दिया। आरोपियों ने लगातार वाट्सऐप वॉयस और वीडियो कॉल के जरिए दंपति पर निगरानी रखी। उनसे एफडी और बैंक संबंधी दस्तावेजों की तस्वीरें भी मंगवाई गईं। मानसिक दबाव में दंपति ने अपनी बचत को समाप्त कर 76 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों में स्थानांतरित कर दिए।

एक खाते से दूसरे में घूमती रही रकम

पुलिस ने वाट्सऐप नंबरों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर, सीएएफ, आईपीडीआर और बैंक खातों का रिकॉर्ड खंगाला। ठगी की रकम प्राप्त होने के बाद उसी दिन आरटीजीएस से दूसरे खाते में और अगले दिन अन्य खाते में भेजी गई। आगे की बैंकिंग ट्रेल में रकम कई खातों तक पहुंची। इसी जांच में सामने आया कि हनिया फ्रूट्स नामक फर्म के खाते में करीब 21 लाख रुपए पहुंचे थे। फर्म संचालक मुजस्सिम ने रकम आगे भेजने के लिए खातों की व्यवस्था करने को ताहिर से संपर्क किया। ताहिर ने सतपाल सिंह से बैंक खातों की जानकारी लेकर मुजस्सिम को उपलब्ध कराई। करीब 17 लाख रुपए इन खातों में पहुंचाए गए। पूछताछ में सामने आया कि कमीशन काटने के बाद 7 लाख रुपए नकद दिए गए, जिसमें से 5 लाख मुजस्सिम को और 2 लाख ताहिर ने कमीशन के रूप में रखे। पुलिस अब रकम की पूरी मनी ट्रेल और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

Updated on:
17 Sept 2026 11:35 am
Published on:
17 Sept 2026 10:17 am