
जयपुर। जयपुर डिस्कॉम ने ग्रिड सुरक्षा एवं बिजली बचत की दिशा में एक अनूठी शुरूआत की है। इसके तहत निजी कंपनी के सहयोग से जयपुर में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के एयर कंडीशनर पर निशुल्क स्मार्ट आईओटी डिवाइस लगाने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में वैशालीनगर, मानसरोवर एवं मालवीय नगर में करीब 2 हजार विद्युत उपभोक्ताओं के घरों में एयर कंडीशनर पर यह डिवाइस लगाई जा रही है।
देश में किसी विद्युत वितरण निगम की ओर से पीक ऑवर्स के दौरान घरेलू क्षेत्र की विद्युत खपत को ऑटोमेटेड डिमांड रिस्पांस (एडीआर) तकनीक से नियंत्रित करने की यह पहली परियोजना है। इस तकनीक का उपयोग कर पीक ऑवर्स में बिजली का अत्यधिक उपभोग करने वाले घरेलू उपकरणों, विशेष रूप से एयर कंडीशनरों की बिजली खपत को स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे एक ओर जहां ग्रिड और विद्युत तंत्र पर पड़ने वाला दबाव कम होगा। वहीं उपभोक्ताओं के विद्युत खर्च में कमी आएगी। राजस्थान विद्युत नियामक प्राधिकरण के डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी एवं डिमांड साइड मैनेजमेंट विनियम-2026 के अन्तर्गत यह पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ किया गया है।
एडीआर डिवाइस दो भागों से मिलकर बनी है। एक स्मार्ट प्लग यूनिट को घर के किसी विद्युत सॉकेट में लगाया जाता है। वहीं दूसरी यूनिट को एयर कंडीशनर पर चिपकाया जाता है। इस डिवाइस को घर के वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से ग्रिड प्रबंधन प्रणाली के साथ कनेक्ट किया जाता है। जैसे ही ग्रिड पर बिजली की खपत उच्चतम स्तर पर होती है। यह सेंसर डिवाइस रूम के अनुकूलतम टैम्प्रेचर को मेंटेन करते हुए एसी के तापमान में 1 डिग्री की वृद्धि कर देता है। इससे यदि एसी प्रतिदिन 6 से 8 घंटे संचालित किया जाए तो बिजली की खपत 3 से 6 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
डिस्कॉम प्रबंधन का मानना है कि करीब 2000 विद्युत उपभोक्ताओं के एसी के उपयोग को एडीआर तकनीक से जोड़कर करीब बिजली की खपत में 1 मेगावाट तक की कमी लाई जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं के विद्युत उपभोग में करीब 6 प्रतिशत तक की भी बचत हो सकेगी। ग्रिड को ओवरलोड होने से बचाया जा सकेगा। इससे फॉल्ट भी कम होंगे। जिसका लाभ उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग रहित सही वोल्टेज की विद्युत आपूर्ति के रूप में भी मिलेगा।