जयपुर

जयपुर: सरकारी जमीन खोदकर भरा नाला! कागजों में भाड़ा उठाया, मिट्टी के खेल से करोड़ों की चपत; JDA मौन

Jaipur News: जयपुर में जेडीए के स्वामित्व की सरकारी जमीन पर 15 से 20 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए। गोनेर क्षेत्र में करोड़ों रुपए का मिट्टी घोटाला हो गया और जेडीए चुप है।

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Jun 03, 2026
jda gonear nala
मिट्टी खोदकर कर दिए 20 फीट गहरे गड्ढे।

जयपुर। शहर के बाहरी जोन में मिट्टी में खेल हो रहा है। जेडीए के अधिकारी चुप हैं और ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। स्थिति यह है कि जेडीए के स्वामित्व की सरकारी जमीन पर 15 से 20 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए। गोनेर क्षेत्र में करोड़ों रुपए का मिट्टी घोटाला हो गया और जेडीए चुप है। रिंग रोड के पास गोनेर में जेडीए की ओर से नाला निर्माण करवाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में मिट्टी भरने का बड़ा काम था। संबंधित फर्म को मिट्टी दूर से लेकर आनी थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सरकारी जमीन से ही मिट्टी उठाकर डाल दी गई। नाले को तो सही किया जा रहा है, लेकिन आस-पास गड्ढे कर दिए गए। आगामी मानसून में ये गड्ढे मौत के कुएं साबित हो सकते हैं।

इस पूरे खेल की क्रोनोलॉजी को समझें तो यह शुद्ध रूप से सरकारी खजाने पर डाका है। गोनेर नाला निर्माण का मूल टेंडर 28 करोड़ रुपए का था, जो 15 फीसदी अधिक दर पर दिया गया। यानी करीब 32 करोड़ रुपए इसके निर्माण में खर्च होंगे। सूत्रों की मानें तो 50 फीसदी काम मिट्टी का ही है। ऐसे में काम 32 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

2500 का डम्पर बचाने का खेल

टेंडर शर्तों के मुताबिक ठेकेदार को मिट्टी डम्परों में भरकर लानी थी। बाजार में एक डम्पर मिट्टी और उसके परिवहन का खर्च करीब 2500 रुपए आता है। इस भारी-भरकम खर्च को बचने के लिए पास से ही मिट्टी उठाना शुरू कर दिया। इससे परिवहन खर्चा एक हजार रुपए ही आया। यानी सीधे 1500 रुपए की एक डम्पर पर बचत हो रही है।

यहां भी हुई मनमानी

जेडीए ने पिछले वर्ष पटेल नगर आवासीय योजना लॉन्च की थी। प्राइम लोकेशन की इस योजना में गड्ढे ही गड्ढे थे। यहां मिट्टी भरने के लिए जेडीए ने करीब 20 करोड़ रुपए का टेंडर किया। यहां जमीन को समतल करने के लिए मिट्टी कल्पना नगर योजना से लेकर आनी थी, लेकिन ठेकेदार ने सरकारी जमीन से ही मिट्टी उठाना शुरू कर दिया। ऐसे में योजना की जमीन तो समतल हो गई, लेकिन आस-पास गड्ढे ही गड्ढे हो गए। जबकि कल्पना नगर के टीले अब तक खत्म नहीं हो पाए। दरअसल, पटेल नगर से कल्पना नगर की दूरी करीब सात से आठ किमी है।

जेडीए को नहीं मिल रहे चोर

बिना किसी वैध लीज, रॉयल्टी या जेडीए की अनुमति के सरकारी जमीन से मिट्टी का एक कट्टा उठाना भी संगीन अपराध की श्रेणी में आता है। कई माह से यह खेल चल रहा है, इसके बाद भी जेडीए अधिकारी चुप हैं। एक भी मिट्टी चोर को जेडीए की टीम तलाश नहीं कर पाई और ही किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।

इन सवालों के कौन देगा जवाब

1 - जब टेंडर में मिट्टी लाने की जगह तय थी, तो साइट इंजीनियरों ने पास की सरकारी जमीन खोदे जाने पर काम क्यों नहीं रुकवाया?

2- महीनों से चल रही इस चोरी में आज तक एक भी डम्पर सीज क्यों नहीं हुआ और किसी भी मिट्टी चोर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

3- पूर्व में ठेकेदार के जो बिल पास किए गए हैं, उसमें मिट्टी की दूरी का भाड़ा किस आधार पर सत्यापित किया गया?

4- समतल जमीन और टीलों को 20 फीट गहरे गड्ढों में बदलने वाले दोषियों से इस सरकारी संपत्ति के नुकसान का हर्जाना कौन वसूलेगा?

  • मेरे आने से पहले जोन में नाले का काम चल रहा था। जेडीए की जमीन से जो मिट्टी उठाई जा रही थी, उसको रुकवा दिया है। आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
  • हेमराज मीणा, एक्सईएन, जेडीए
Updated on:
03 Jun 2026 02:06 pm
Published on:
03 Jun 2026 02:00 pm