
Photo: Patrika
Toxic Substance Death: अजमेर जिले के केकड़ी क्षेत्र के सांपला गांव में घर में टंकी में भरकर रखे गेहूं को घुन से बचाने के लिए रखी जहरीली दवा की पुड़िया ने परिवार का ‘चिराग’ बुझा दिया। 20 वर्षीय कन्हैयालाल की गेहूं की कोठी से निकली विषाक्त पुड़िया को मुंह से खोलने की कोशिश में पाउच फटने से जहरीला पदार्थ उसके मुंह में जाने से कुछ ही घंटों में मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार सांपला निवासी धनराज तेली का पुत्र कन्हैयालाल मंगलवार को अपनी दोनों बहनों के साथ घर में रखी गेहूं की कोठी खाली कर रहा था। घर के बाहर उसकी मां माया गेहूं साफ कर रही थी। इसी दौरान कोठी में से विषाक्त पदार्थ की पुड़िया निकली। पहले कन्हैयालाल ने छोटी बहन को उसे बाहर फेंकने के लिए कहा, लेकिन फिर पुड़िया वहीं रख दी। परिजनों के अनुसार बातचीत में तीनों भाई-बहनों ने उत्सुकतावश पुड़िया में क्या है, देखने के लिए कन्हैयालाल ने पाउच मुंह से खोलने का प्रयास किया। इसी दौरान पाउच फट गया और उसमें भरा विषाक्त पदार्थ उसके मुंह में चला गया।
इसके कुछ समय बाद ही कन्हैया की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उसे पहले स्थानीय स्तर पर उपचार के लिए ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे केकड़ी के राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे तत्काल अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल रैफर कर दिया।
परिजन उसे लेकर अजमेर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराने की लिखित सहमति देने के पश्चात पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
चाचा भंवरलाल तेली ने बताया कि धनराज तेली के तीन बच्चों में कन्हैयालाल इकलौता बेटा था। छोटी उम्र में ही परिवार का सहारा बना कन्हैया गांव में मोबाइल फोन एसेसरीज और रिपेयरिंग की छोटी दुकान संचालित करता था। अचानक हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
अस्पताल की आपातकालीन इकाई में मां माया, छोटी बहन की आंखें लगातार बेटे और भाई के बच जाने की उम्मीद तलाश रही थीं। दोनों हाथ जोड़कर भगवान से उसकी सलामती की प्रार्थना करती रहीं। लेकिन जब चिकित्सकों ने कन्हैयालाल को मृत घोषित किया तो मां, बहन की चीखों से अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया। सुरक्षाकर्मियों सहित अन्य लोगों ने उन्हें सांत्वना देने की कोशिश की।
आमतौर पर लोग अनाज की टंकी अथवा भंडारण वाली जगह इल्ली अथवा कीड़े से बचाव के लिए जहरीली दवा रखते हैं। जो कि स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। सूखे पुदीने, गीली, अजवाइन अथवा नीम की पत्तियां अथवा एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए। इन उपायों से अनाज जल्दी खराब नहीं होता है।
प्रो. मनोज यादव, बॉटनी विभागाध्यक्ष सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय
Published on:
03 Jun 2026 01:55 pm
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