जयपुर

Rajasthan: राजस्थान के स्कूलों में किताब-यूनिफॉर्म की बिक्री पर होगी निगरानी, नई गाइडलाइन जारी

राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अब शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। अभिभावकों पर अतिरिक्त खर्च के दबाव की शिकायतों के बाद राज्यभर में जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
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Apr 04, 2026
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फाइल फोटो- पत्रिका

जयपुर। राजस्थान में प्राइवेट स्कूलों की ओर से अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की शिकायतों के बीच शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद अब विभाग ने जांच प्रक्रिया को तेज करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने सभी ब्लॉक स्तर पर निगरानी समितियां गठित कर स्कूलों की जांच कराने का आदेश जारी किया है।

यूनिफॉर्म और किताब बिक्री की जांच

शिक्षा विभाग ने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों के निरीक्षण के लिए तीन सदस्यीय टीमें बनाएं। इन टीमों का काम यह देखना होगा कि कोई स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें, जूते या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर तो नहीं कर रहा। विभाग ने समयसीमा भी तय की है। 15 अप्रेल तक जांच पूरी होनी चाहिए और 20 अप्रेल तक रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा।

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि विभाग को जानकारी मिली है कि कई प्राइवेट स्कूल पहले जारी दिशा-निर्देशों को नजरअंदाज कर रहे हैं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में बनी टीमें हर स्कूल की जांच करेंगी और जहां भी उल्लंघन पाया जाएगा, वहां विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी।

अभिभावकों को असली बदलाव का इंतजार

इन आदेशों से अभिभावक पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि ऐसे निर्देश पहले भी कई बार आए, लेकिन हालात नहीं बदले। हर साल फीस बढ़ती है, जबकि नियम के मुताबिक तीन साल में एक बार ही वृद्धि होनी चाहिए। सभी अभिभावक समूहों की मांग है कि सिर्फ कागजी आदेश नहीं, जमीन पर सख्त अमल होना चाहिए , तभी परिवारों को वास्तविक रूप से राहत मिलेगी।

पिछले आदेशों का क्या हुआ?

गौरतलब है कि राज्य सरकार इससे पहले भी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कई बार दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर लागू करने की कमजोर व्यवस्था के चलते नतीजे सीमित रहे। इस बार समयबद्ध जांच और रिपोर्टिंग की अनिवार्यता से उम्मीद है कि आदेश केवल फाइलों तक न रहें।

Updated on:
04 Apr 2026 03:41 pm
Published on:
04 Apr 2026 03:40 pm