
Jaipur Discom Raid: जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को जयपुर डिस्कॉम के उत्तर सर्किल में भी बड़े स्तर पर बिजली चोरी का मामला सामने आया। डिस्कॉम एमडी आरती डोगरा को लगातार बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद उनके निर्देश पर उत्तर सर्किल के अधीक्षण अभियंता एमएल मीणा ने 19 टीमों का गठन कर बस्सी, चौमूं, जमवारामगढ़ और शाहपुरा क्षेत्र में कार्रवाई का ब्योरा जारी किया। टीमों ने अलग-अलग जगहों पर जांच कर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
अधीक्षण अभियंता एमएल मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान चारों डिवीजन में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी पकड़ी गई। जांच में सामने आया कि 3214 स्थानों पर लोग सीधे बिजली के पोल पर तार डालकर अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे। वहीं 1327 स्थानों पर रात के समय पोल पर तार डालकर बिजली चोरी की जा रही थी, ताकि कार्रवाई से बचा जा सके। डिस्कॉम की टीमों ने मौके पर अवैध कनेक्शन हटाने के साथ ही संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की। विभाग ने बिजली चोरी करने वालों पर 82.77 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली इंजीनियरों की सरपरस्ती में धड़ल्ले से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है। लगातार हो रही इस बिजली चोरी से डिस्कॉम को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार और बिजली कंपनियों को बिजली दरों में बढ़ोतरी करने या विभिन्न प्रकार के शुल्क लगाने पड़ते हैं, जिसका सीधा असर ईमानदारी से बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ता है। ऐसे में नियमों का पालन करने वाले उपभोक्ताओं को भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। जयपुर डिस्कॉम के करौली, धौलपुर और अजमेर डिस्कॉम के सीकर, चूरू व झुंझुनूं जिले बिजली चोरी के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हैं।
स्पेशल अभियान में बड़े स्तर पर बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद बस्सी, चौमूं, जमवारामगढ़ और शाहपुरा के डिवीजन व सब-डिवीजन में तैनात डिस्कॉम इंजीनियरों में खलबली मच गई। कार्रवाई के दौरान कई इंजीनियर टीमों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। वहीं, डिस्कॉम प्रबंधन ने संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका की समीक्षा कर उनके खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।