
जयपुर के सांगानेर सदर इलाके में बेटे द्वारा पिता की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक व्यक्ति के छोटे बेटे सवाई राम जाट ने कुल्हाड़ी से वार कर पिता की जान ले ली। घटना 18 अगस्त की रात की बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने कहा कि पिता शराब पीने के बाद आए दिन झगड़ा करते थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और गुस्से में उसने पिता पर हमला कर दिया।
हत्या के बाद सवाई राम ने पिता के शव को घर के अंदर ही छिपाकर रखा। पुलिस के अनुसार, आरोपी को शव ठिकाने लगाने की जगह नहीं मिल रही थी। इसके बाद उसने पिता का अंतिम संस्कार गांव टोडारायसिंह में करने का फैसला किया। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे उसने गांव जाने के लिए एक टैक्सी बुलाई। ड्राइवर को बताया गया कि पिता की मौत हो गई है और शव को गांव ले जाना है। इसी दौरान ड्राइवर को कुछ गड़बड़ लगी।
टैक्सी ड्राइवर को गाड़ी के पास पहुंचने पर बदबू आई। उसे शक हुआ तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस के पहुंचने तक आरोपी शव को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा था। बताया गया कि वह शव को पास ही एक खाली प्लॉट में फेंकने वाला था, लेकिन उससे पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया। टैक्सी ड्राइवर की सूचना के बाद मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पुलिस ने बताया कि एसीपी चाकसू भवानी सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान टोडारायसिंह, टोंक निवासी 75 साल के जगदीश के रूप में हुई है। वह सांगानेर सदर इलाके के गोविंदपुरा में अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहता था। पुलिस ने बताया कि मामले में छोटे बेटे सवाई राम जाट को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मौके पर मौजूद उसकी मां सजनी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस जांच में परिवार का एक पुराना मामला भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक जगदीश, उसकी पत्नी और दोनों बेटों पर बहू की हत्या का आरोप था। साल 2024 में इस मामले में परिवार के चारों सदस्य जेल गए थे। बहू की हत्या के मामले में जगदीश का बड़ा बेटा अभी भी जेल में है। वहीं करीब चार महीने पहले जमानत मिलने के बाद जगदीश, उसकी पत्नी सजनी और छोटा बेटा सवाई राम जेल से बाहर आए थे।