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राजस्थान में 76 हजार से अधिक पदों पर होगी शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति, युवाओं के लिए मौका

राजस्थान में 76 हजार से अधिक रिक्त शिक्षक पदों के लिए अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। विद्या संबल योजना के तहत इन पदों को भरा जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टरों को इन नियुक्तियों को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Aug 20, 2026

Vidya Sambal Yojana

Vidya Sambal Yojana: फोटो-एआई जेनरेटेड

जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। चालू शैक्षणिक सत्र में 76 हजार 791 रिक्त पदों पर विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। इसका उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े पदों के कारण प्रभावित हो रही विद्यार्थियों की पढ़ाई को गति देना और विद्यालयों में अध्यापन व्यवस्था को मजबूत करना है।

मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टरों को योजना को पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जरूरत वाले विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता समय पर हो। शाला दर्पण पोर्टल के अगस्त के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 51 हजार 877 वरिष्ठ अध्यापकों और 15 हजार 227 व्याख्याताओं के पद रिक्त हैं। इसके अलावा तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं।

मेरिट के आधार पर होगा चयन

गेस्ट फैकल्टी के चयन के लिए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनाई जाएगी। न्यूनतम शैक्षणिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर वरीयता सूची तैयार होगी। प्रत्येक रिक्त पद के लिए यथासंभव तीन अभ्यर्थियों का पैनल तैयार किया जाएगा। सेवानिवृत्त शिक्षक और पात्र नए अभ्यर्थी दोनों आवेदन कर सकेंगे। नियुक्ति केवल स्वीकृत रिक्त पद के लिए पूरी तरह अस्थायी आधार पर होगी।

पद के अनुसार मिलेगा मानदेय

व्याख्याता यानी ग्रेड-I को 400 रुपए प्रति पीरियड, अधिकतम 30 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। वरिष्ठ अध्यापक यानी ग्रेड-II को 350 रुपए प्रति पीरियड, अधिकतम 25 हजार रुपए प्रतिमाह और प्रथम व द्वितीय स्तर के शिक्षक यानी ग्रेड-III को 300 रुपए प्रति पीरियड, अधिकतम 21 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। अनुदेशक और प्रयोगशाला सहायकों के लिए भी 300 रुपए प्रति पीरियड का प्रावधान है।

नियमित नियुक्ति होते ही समाप्त होगी सेवा

गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति केवल एक शैक्षणिक सत्र या सेमेस्टर के लिए होगी। जिस पद के विरुद्ध गेस्ट फैकल्टी लगाई जाएगी, उस पर नियमित नियुक्ति होते ही उसकी सेवा स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इस व्यवस्था के आधार पर भविष्य में नियमित नियुक्ति का दावा नहीं किया जा सकेगा। कार्य की नियमित मॉनिटरिंग होगी और संतोषजनक कार्य के आधार पर भुगतान किया जाएगा।

शिक्षकों की जवाबदेही भी जरूरी

शिक्षक संघ रेस्टा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि रिक्त पदों पर अस्थायी नियुक्ति से विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, लेकिन गेस्ट फैकल्टी की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व में बेहतर बोर्ड परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए।

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अब कोर्स पूरा करना बड़ी चुनौती

स्कूलों में नया सत्र शुरू हुए करीब पांच महीने हो चुके हैं। इस दौरान पढ़ाई के साथ प्रथम और द्वितीय टेस्ट भी हो चुके हैं और अक्टूबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने में करीब एक माह लगने पर शिक्षकों के पास पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए सीमित समय रहेगा। खासकर लंबे समय से शिक्षक विहीन विषयों में विद्यार्थियों का छूटा हुआ पाठ्यक्रम पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा।

चुनाव के बीच उठ सकते हैं सवाल

प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया के बीच 12 सितंबर तक विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी लगाने की प्रक्रिया पर सवाल भी उठ सकते हैं। हालांकि सरकार ने चयन के लिए जिला स्तरीय समिति और निर्धारित नियम तय किए हैं। फर्जी या गलत जानकारी पाए जाने पर नियुक्ति समाप्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी। गेस्ट फैकल्टी को आवंटित स्थान पर ही कार्य करना होगा और स्थान परिवर्तन की मांग का अधिकार नहीं होगा।