जयपुर

ना हवामहल और ना ही अल्बर्ट हॉल… कहां रखा गया था जयपुर की नींव का पहला पत्थर, 90 प्रतिशत लोग नहीं जानते जवाब

Jaipur Foundation Day: जयपुर… वॉल सिटी से बाहर निकलत चारों दिशाओं में करीब पचास-पचास किलोमीटर तक फैल गया है और इसका फैलाव बढ़ता ही जा रहा है। अब हालात ये हो गए हैं कि एक मेयर से काम नहीं चल रहा इसलिए दो मेयर लगाए गए हैं। शहर में दो सौ पचास वार्ड हो चुके हैं।

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Nov 17, 2024
Jaipur Foundation Day:हमारा जयपुर यानी गुलाबी नगर 297 साल का हो गया है। हमेशा की तरह एक महीने तक पूरे शहर में शानदार आयोजन होंगे, खास तौर पर वॉल सिटी जयपुर में। इस बार की थीम रखी गई है राम राज्य… यानी पूरे शहर में ऐसे आयोजन होंगे पूरे एक महीने जिससे राम राज्य जैसा फील आएगा। पिछले करीब तीन सौ साल में जयपुर… वॉल सिटी से बाहर निकलत चारों दिशाओं में करीब पचास-पचास किलोमीटर तक फैल गया है और इसका फैलाव बढ़ता ही जा रहा है। अब हालात ये हो गए हैं कि एक मेयर से काम नहीं चल रहा इसलिए दो मेयर लगाए गए हैं। शहर में दो सौ पचास वार्ड हो चुके हैं।

कल सवेरे सबसे पहले गणेश जी का पूजन किया जाएगा। उसके बाद शहर में अन्य आयोजन शुरू होंगे। जयपुर मेयर का कहना है कि मोती डूंगरी गणेश जी मंदिर के साथ ही उस स्थान पर भी गणेश जी की पूजा की जाएगी जहां जयपुर की बसावट शुरू करने पर सबसे पहले नींव का पत्थर लगाया गया था। बहुत कम लोगों को पता होगा कि यह स्थान कहा हैं। ये जगह जयपुर के वॉल सिटी इलाके में गंगापोल क्षेत्र में स्थित है और इसे गंगापोल दरवाजा कहा जाता है।

आज से 297 साल पहले जयपुर की नीवं यहीं रखी गई थी। यह दरवाजा तभी से मौजूद है। हांलाकि ज्यादा पुराना हो जाने के कारण जर्जर हो चला है। दरवाजे पर स्थित गणेश जी की मूर्ति पर क्रेन की मदद से पूजा की जाती है। यहीं से राजा साहब और प्रजा शहर से बाहर आती-जाती थी। उसके बाद अन्य दरवाजों का निर्माण किया जा सका। शहर में इस बार दीपदान होंगे। सामूहिक आयोजन होंगे। जनता को ध्यान में रखते हुए कई आयोजन होंगे। बड़े मंदिरों और भवनों को सजाया जाएगा और ये सजावट एक महीने तक रखी जाएगी। इस दौरान शहर के टूरिस्ट स्पॉट पर आने वाले पर्यटकों को भी विशेष अनुभव होगा।

Published on:
17 Nov 2024 01:29 pm
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