जयपुर

Rajasthan News: जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर के प्रधान महंत अंजन कुमार गोस्वामी का देवलोकगमन, भक्तों में शोक की लहर

Govind Dev Ji Mahant Passes Away: जयपुर के आराध्य देव ठाकुर श्री गोविंद देव जी मंदिर के प्रधान महंत अंजन कुमार गोस्वामी का निधन। 1 नवंबर 2026 को दोपहर में आया साइलेंट हार्ट अटैक, शाम को होगी अंतिम यात्रा।
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Updated: 1 Nov 2026, 2:41 PM IST
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Mahant Anjan Kumar Goswami - File PIC

जयपुर के आराध्य देव ठाकुर श्री गोविंद देव जी मंदिर से दुखद खबर सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध ठिकाना मंदिर श्री गोविंददेवजी (गौड़ीय संप्रदाय) के प्रधान महंत और मुख्य सेवाधिकारी महंत अंजन कुमार गोस्वामी का आज, 1 नवंबर 2026 रविवार को देवलोकगमन हो गया है। उनके अचानक निधन की खबर से पूरे जयपुर शहर, मंदिर परिवार और देश-विदेश में फैले उनके लाखों श्रद्धालुओं व अनुयायियों में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है।

कैसे हुआ निधन और क्या रहे स्वास्थ्य से जुड़े घटनाक्रम?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे महंत अंजन कुमार गोस्वामी जी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गंभीर रूप से साइलेंट हार्ट अटैक आया था।

परिवार और मंदिर के लोगों द्वारा तुरंत उन्हें संतोषबा दुर्लभजी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए कड़े प्रयास किए, लेकिन वे उन्हें बचा नहीं सके और महंत जी ने वहीं अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि होते ही अस्पताल और मंदिर परिसर में शोक संतप्त भक्तों का तांता लग गया।

कौन थे महंत अंजन कुमार गोस्वामी?

महंत अंजन कुमार गोस्वामी जयपुर के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ताने-बाने का एक बेहद गौरवशाली और प्रमुख हिस्सा थे। वे गौड़ीय संप्रदाय के अंतर्गत आने वाले जयपुर के आराध्य श्री गोविंद देव जी मंदिर के प्रधान महंत और मुख्य सेवाधिकारी के रूप में लंबे समय से सेवारत थे।

उन्होंने दशकों तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ ठाकुर जी की अनन्य सेवा-पूजा की तथा मंदिर के धार्मिक आयोजनों, उत्सवों और व्यवस्थाओं को अत्यंत सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया। उनके मिलनसार और मृदुभाषी स्वभाव के कारण संत समाज और आमजन में उनका बेहद आदर था।

अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार का कार्यक्रम

महंत अंजन कुमार गोस्वामी के पार्थिव शरीर को उनके अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जिसके बाद आज शाम उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। आज रविवार शाम 4:30 बजे सुभाष चौक क्षेत्र स्थित पानों के दरीबे में उनकी पुश्तैनी हवेली से अंतिम यात्रा रवाना होगी।

यह अंतिम यात्रा पानों के दरीबे से शुरू होकर जलमहल के सामने स्थित समाज बाड़ी पहुंचेगी, जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

उनके देवलोकगमन की सूचना मिलते ही शहर के तमाम गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संत समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पानों के दरीबे और निवास स्थान पर जुटना शुरू हो गए हैं।

Updated on:
1 Nov 2026, 2:41 PM IST
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