जयपुर हाफ मैराथन के पंजीकरण 25 जुलाई तक खुले हैं। मैराथन का मिशन छह प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करता है। इसमें है मधुमेह पैर की देखभाल, मधुमेह रोगी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की शिक्षा और प्रशिक्षण, कृत्रिम अंग महंगे हैं और आपका अपना अंग सबसे अच्छा है, अनुसंधान व नवाचार और सामुदायिक समर्थन।
जयपुर। जयपुर में हाफ मैराथन 4 अगस्त को आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य केवल फिनिश लाइन तक सीमित नहीं है। इस वर्ष मैराथन का उद्देश्य देश में अम्पुटेशन-फ्री समाज बनाने के लिए जागरूकता लाना है। 21 किमी एलीट ग्रुप से लेकर 3 किमी बिगिनर ग्रुप तक सभी कौशल स्तरों के लिए श्रेणियां होने के कारण यह समावेशी और प्रेरणादायक होने का वादा करता है।
अन्य देशों की तुलना में भारत उच्च दर पर अम्पुटेशन का सामना कर रहा है। हर वर्ष लगभग ढाई लाख नए मामले आते हैं। इनमें से 90% मामले 18 से 60 वर्ष के आयु वर्ग के आते हैं। इसमें कारण हैं मधुमेह, सड़क यातायात दुर्घटनाएं, संक्रमण और कैंसर। अम्पुटेशन न केवल शारीरिक गतिशीलता को प्रभावित करता है, बल्कि भारी वित्तीय बोझ भी डालता है। कृत्रिम अंग महंगे होते हैं, जिनकी कीमत प्रति व्यक्ति आय की तुलना में तीन से 10 गुना होती है। वित्तीय बोझ के अलावा, अम्पुटी अक्सर भावनात्मक और मानसिक प्रभावों का सामना करते हैं, जिनमें अवसाद, चिंता, सामाजिक अलगाव संबंधित चिंताएं शामिल हैं।
25 जुलाई तक होंगे पंजीकरण
सभी प्रतिभागियों को पदक और प्रमाणपत्र मिलेंगे। पंजीकरण 25 जुलाई तक खुले हैं। मैराथन का मिशन छह प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करता है। इसमें है मधुमेह पैर की देखभाल, मधुमेह रोगी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की शिक्षा और प्रशिक्षण, कृत्रिम अंग महंगे हैं और आपका अपना अंग सबसे अच्छा है, अनुसंधान व नवाचार और सामुदायिक समर्थन। जयपुर हाफ मैराथन में भाग लेकर, आप एक ऐसे भविष्य में योगदान करते हैं जहाँ अम्पुटेशन रोके जा सकते हैं और प्रभावित लोग गरिमा और समर्थन के साथ पूर्ण जीवन जी सकते हैं।
अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए, www.amputationfreeworld.com पर या अन्य ऑनलाइन वेबसाइट पर पंजीकरण कर सकते हैं। एपेक्स हॉस्पिटल जयपुर के वैस्कुलर एंड एंडोवास्कुल सर्जन डॉ आदर्श काबरा ने कहा कि यह मैराथन स्वास्थ्य, फिटनेस और सामाजिक कारणों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इस वर्ष का फोकस जागरूकता, शिक्षा और समर्थन के माध्यम से भारत में अम्पुटेशन की संख्या को कम करने पर है।