जयपुर

जयपुर हत्याकांड: 48 घंटे तक मां के शव के पास बिलखते रहे 3 बच्चे, हत्यारे पति ने दो दिन बाद खुद खोला राज; यह रही वजह

Jaipur Crime: जयपुर के प्रतापनगर में पति ने लोहे की रॉड से वार कर पत्नी की हत्या कर दी। तीन मासूम बच्चे 48 घंटे तक मां के शव के पास रहे। आरोपी ने दो दिन बाद खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।
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Updated: 31 Oct 2026, 10:55 AM IST
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मृतका लक्ष्मी (Photo-Patrika)

जयपुर. प्रतापनगर स्थित द्वारकापुरी अपार्टमेंट की छठी मंजिल का एक कमरा शुक्रवार सुबह जब खुला, तो अंदर का दृश्य देख पुलिसकर्मियों का कलेजा भी कांप उठा। फर्श पर 38 वर्षीया लक्ष्मी रैगर का खून से लथपथ शव पड़ा था और पास ही में बिलख रहे थे तीन मासूम। इनमें तीन साल की बच्ची, डेढ़ साल का बेटा और महज ढाई महीने का नवजात था। दो दिन पहले पिता की हैवानियत ने जिनकी मां को छीन लिया था, वे बेखबर बच्चे 48 घंटे तक भूख-प्यास से तड़पते हुए अपनी मृत मां के आंचल से लिपटे रहे।

बुधवार को दिल दहला देने वाली इस वारदात को अंजाम देने के बाद लक्ष्मी का आरोपी पति प्रदीप (42) दो दिन तक बच्चों के साथ उसी कमरे में शव के पास बैठा रहा। शुक्रवार सुबह उसने खुद पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर हत्या की सूचना दी और फिर बच्चों को कमरे में बंद कर फरार हो गया। हालांकि, पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर कुछ ही देर में आरोपी को पास की एक गली से पकड़ लिया।

हत्या कर खुद ही क्यों दी पुलिस को सूचना?

प्रारंभिक जांच के अनुसार, मूल रूप से बूंदी निवासी लक्ष्मी और अजमेर निवासी प्रदीप के बीच बुधवार को किसी बात पर विवाद हुआ था। गुस्से में आकर पेंटिंग का काम करने वाले प्रदीप ने पास पड़ी लोहे की रॉड से लक्ष्मी के सिर पर वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी न तो पत्नी को अस्पताल ले गया और न ही किसी को भनक लगने दी। वह दो दिन तक शव और अपने तीनों बच्चों के साथ कमरे में ही बंद रहा। शुक्रवार सुबह जब बच्चों की भूख और शव की दुर्गंध से हालात बिगड़ने लगे, तो वह घबराकर पुलिस को सूचना देकर भाग निकला।

धरी रह गई करवाचौथ पूजन की तैयारी

लक्ष्मी ने करवाचौथ की पूरी तैयारी कर रखी थी। इसके लिए वह बाजार से करवा खरीद कर लाई थी। पति की लंबी उम्र के लिए हर साल व्रत रखती थी। लेकिन जिसके लिए लंबी उम्र मांगी उसने ही करवाचौथ से एक दिन पहले उसे मौत के घाट उतार दिया। करवाचौथ वाले दिन भी वह पत्नी की लाश के पास बैठा रहा।

लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को नजदीक से ही पकड़ा

सूचना मिलते ही जब प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तो दरवाजा बाहर से बंद था। कुंडी खोलकर अंदर प्रवेश करते ही बदहवास बच्चे मां के शव के पास बैठे मिले। पुलिस ने तुरंत बच्चों को संभाला और एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए। शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि लक्ष्मी अपने पहले पति को छोड़कर प्रदीप के साथ रह रही थी और दोनों साथ में मजदूरी करते थे। पुलिस फिलहाल हत्या के कारणो की गहराई से जांच कर रही है।

Updated on:
31 Oct 2026, 10:55 AM IST
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