
Jaipur CMHO Dr. Manish Mittal APO: स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर शिकायतों और अनियमितताओं के मामले में जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO-2) डॉ. मनीष मित्तल को एपीओ कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (ग्रुप-2) विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश में डॉ. मित्तल के खिलाफ वित्तीय सहित अन्य गंभीर शिकायतें मिलने और उनकी जांच लंबित होने का हवाला दिया गया है।
इस कार्रवाई को हाल ही में सामने आए केसर स्वीट्स प्रकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मिठाइयों के सैंपल में काजू कतली के असुरक्षित पाए जाने के बावजूद दुकान के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं होने और लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी बिक्री जारी रहने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।
दरअसल, कुछ महीने पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जयपुर स्थित केसर स्वीट्स पर छापा मारकर काजू कतली समेत कई मिठाइयों के नमूने लिए थे। जांच में काजू कतली का सैंपल अनसेफ पाया गया था। इसके बावजूद करीब डेढ़ महीने तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई। मामला उजागर होने के बाद 26 अक्टूबर 2026 को दुकान का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। हालांकि, लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी दुकान से मिठाइयों की बिक्री जारी रही। इसको लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद दुकान का संचालन जारी रहने की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जयपुर सीएमएचओ प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बाद सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने टीम को मौके पर भेजा।
टीम ने केसर स्वीट्स पहुंचकर दुकान पर ताला लगाया और उसे सीज कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में कार्रवाई में देरी और अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। अब सरकार ने डॉ. मनीष मित्तल को सीएमएचओ के पद से हटाकर एपीओ कर दिया है। डॉ. मित्तल मई 2025 से जयपुर सीएमएचओ सेकंड के पद पर कार्यरत थे।
विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, एपीओ अवधि के दौरान डॉ. मनीष मित्तल को जयपुर स्थित निदेशक (जनस्वास्थ्य) कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों और विचाराधीन जांच को इस प्रशासनिक कार्रवाई का आधार बताया गया है।
दूसरी ओर, केसर स्वीट्स प्रकरण में फूड लाइसेंस निलंबन को लेकर कानूनी मोर्चे पर भी नया घटनाक्रम सामने आया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने केसर काजू कतली बनाने वाली जयपुर की कंपनी द डिवाइन टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड को राहत दी है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से 26 अक्टूबर 2026 को जारी लाइसेंस निलंबन आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
द डिवाइन टेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक दलजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के लाइसेंस निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने निलंबन आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। इस तरह केसर स्वीट्स प्रकरण में एक ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई हुई है। वहीं, दूसरी ओर कंपनी को हाईकोर्ट से लाइसेंस निलंबन के मामले में अंतरिम राहत मिली है।