जयपुर

जयपुर नगर निगम के बजट में घोषणाओं की भरमार, जनसुविधाओं पर खर्च करने में पीछे

नगर निगम, जयपुर का नया बजट 2700 करोड़ रुपए से अधिक का होगा। शहरी सरकार ने बजट तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार भी बजट कागजी अधिक नजर आ रहा है।

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Feb 20, 2026

जयपुर. नगर निगम, जयपुर का नया बजट 2700 करोड़ रुपए से अधिक का होगा। शहरी सरकार ने बजट तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए इस बार भी बजट कागजी अधिक नजर आ रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में दोनों नगर निगमों का संयुक्त बजट 2284 करोड़ रुपए था, जिसकी तुलना में इस वर्ष का बजट करीब 450 करोड़ रुपए अधिक है।

घोषणाओं और धरातल पर हुए काम की तुलना करें तो पिछले बजट का 50 फीसदी हिस्सा भी पूरा नहीं हुआ है। निगम की प्राथमिकताएं सड़क और सीवर तक ही सीमित हैं, जबकि आमजन की बुनियादी जरूरतों और आधुनिक सुविधाओं पर खर्च करने की कोई स्पष्ट योजना दिखाई नहीं देती। नए बजट में विकास कार्यों पर 1400 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान है, लेकिन खजाने में फंड की कमी से अक्सर ये कार्य बीच में ही अटक जाते हैं। वर्षा जल संरक्षण और फुट ओवर ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर निगम का रवैया उदासीन बना हुआ है।

राजस्व प्राप्ति का अनुमान
नगर निगम को सबसे अधिक 800 करोड़ रुपए चुंगीकर के पेटे मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा 185 करोड़ रुपए नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) की वसूली से, 95 करोड़ रुपए होर्डिंग नीलामी से और 15 करोड़ रुपए मैरिज गार्डन पंजीयन से आने का अनुमान है। वहीं, शहरवासियों से घर-घर कचरा संग्रहण के बदले 50 करोड़ रुपए यूजर चार्ज के रूप में वसूले जाएंगे।

यूं समझें घोषणा और खर्च का गणित
-130 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है आगामी वित्तीय वर्ष में सड़क निर्माण के लिए। हालांकि, मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक महज 36 करोड़ रुपए ही हो पाए हैं खर्च
-80 करोड़ रुपए बजट में तय किए गए हैं अन्य निर्माण पर खर्च करने के लिए। मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक खर्च किए गए हैं महज 34 करोड़ रुपए

जनता के काम की फिक्र नहीं
-़मौजूदा वित्तीय वर्ष में पार्किंग प्रोजेक्ट पर 10 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान किया है। अब तक एक रुपया भी प्रोजेक्ट के नाम पर खर्च नहीं किया गया है।
-वर्षा जल संरक्षण के लिए भी 12 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है, लेकिन निगम के अ​धिकारी कोई प्लान ही नहीं बना पाए।
-फुट ओवर ब्रिज निर्माण और योजना बनाने के लिए 10 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। लेकिन अब तक निगम ने एक रुपया इस मद में भी नहीं किया है खर्च 10 लाख

Updated on:
20 Feb 2026 12:22 pm
Published on:
20 Feb 2026 12:08 pm
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