जयपुर

जयपुर : मां की हत्या की आरोपी आयुषी मामले में नया मोड़, मामा के वकील ने किया खुलासा

Jaipur Murder Case: जयपुर के नीरज शर्मा हत्याकांड में मृतका के भाई के वकील ने आरोपी आयुषी शर्मा और उसके चचेरे भाई बलराम के लिव-इन में रहने का दावा किया है। वकील ने दोनों के संबंधों और हत्या की साजिश को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
2 min read
Jul 12, 2026
Jaipur Neeraj Sharma Murder Case
मृतका मां और आरोपी बेटी आयुषी। (फोटो-पत्रिका)

Jaipur Neeraj Sharma Murder Case जयपुर। राजधानी के प्रताप नगर क्षेत्र में सामने आए चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड मामले की जांच के दौरान लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोप है कि संपत्ति हड़पने और अनुकंपा पर सरकारी नौकरी पाने के लिए 23 साल की युवती आयुषी शर्मा ने अपनी मां को मरवा दिया। इस बीच मृतका नीरज शर्मा के भाई राकेश के वकील चंद्रप्रकाश का कहना है कि आयुषी अपने चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। दोनों के बीच अवैध संबंध होने का संदेह है।

यह वीडियो भी देखें

वकील चंद्रप्रकाश का कहना था कि रवि उर्फ बलराम पढ़ाई में बेहद कमजोर और बेरोजगार था। आयुषी के पिता ने ही बलराम को पढ़ाया लिखाया और एलएलबी करवाई। इसके बावजूद वह वकालत छोड़कर बेरोजगार घूमता था। उन्होंने कहा कि बलराम मृतका नीरज शर्मा के पति विजय वशिष्ठ की संपत्ति को हथियाना चाहता था और इसलिए उनसे आयुषी को मोहरा बनाया। उन्होंने बताया कि आयुषी बचपन से बहुत ही मिलनसार थी। हमेशा बड़ों का कहना मानती थी और सबकी लाडली थी।

'बदलने लगा आयुषी का स्वभाव'

उनका आरोप है कि जब से घर में बलराम का आना-जाना शुरू हुआ, तब से आयुषी के स्वभाव में बदलाव आने लगा। साल 2025 के बाद वह पूर्ण रूप से बलराम के प्रभाव में आ गई। हमें लगता है कि बलराम ने उस पर कोई जादू किया था। वह जैसा बोलता आयुषी वैसा ही करती थी। ऐसे में हमें लगता है कि निश्चित रूप से कहीं न कहीं इन दोनों के बीच में कुछ अवैध संबंध थे। इसके बाद आयुषी बात-बात पर गुस्सा करने लग जाती थी। वह अपनी मां के साथ पिछले एक साल से नहीं रह रही थी। इस दौरान वह चचेरे भाई बलराम के साथ लिव-इन में थी।

पहले भी की मारने की कोशिश

वकील ने बताया कि पड़ोसियों का कहना है कि दोनों कमरे में बंद रहते थे और बाहर कम ही निकलते थे। चंद्रप्रकाश का आरोप है कि आयुषी ने पहले भी मां को जूस में जहर देकर मारने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि बलराम ने ही आयुषी को भड़काया था। उसका कहना था की मां की मौत के बाद अनुकंपा में उसे नौकरी भी मिल जाएगी। गौरतलब है कि 3 जुलाई को जयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में नीरज शर्मा की सड़क हादसे में मौत की मर्ग दर्ज हुई थी। मृतका के भाई राकेश शर्मा ने रिपोर्ट देकर बहन की हत्या कर उसे हादसे का रूप देने की आशंका जताई थी।

सात आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की बेटी व जेठ सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि आरोपियों ने करीब एक माह पहले भी नीरज को मारने का प्रयास किया था, लेकिन सफल नहीं हुए तो दोबारा 3 जुलाई को जब वह नाबालिग दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थी, तभी उसे कार से कुचल दिया, ताकि इसे सड़क दुर्घटना माना जाए। आरोप है कि एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा आयुषी ने अपने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर 7 लाख रुपए में सुपारी किलर तय किए थे, ताकि मां की हत्या को सड़क हादसा दिखाया जा सके।

Updated on:
12 Jul 2026 07:20 pm
Published on:
12 Jul 2026 05:25 pm