
जयपुर। राजधानी जयपुर में बुधवार को एक कैदी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। करणी विहार थाना क्षेत्र के धावास स्थित जानकी विहार इलाके में बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने सांगानेर खुली जेल में सजा काट रहे कैदी गंगासहाय कुमावत (45) को निशाना बनाया। बदमाशों ने उस पर तीन राउंड फायर किए। गोली लगने से गंगासहाय बाइक समेत सड़क पर गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों हमलावर बाइक से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार गंगासहाय कुमावत सांगानेर खुली जेल में बंद था और बुधवार शाम करीब 5 बजे वापस जेल की ओर जा रहा था। इसी दौरान धावास के जानकी विहार इलाके में बाइक पर आए दो नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोककर फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने गंगासहाय कुमावत पर लगातार तीन गोलियां चलाईं। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही करणी विहार, भांकरोटा और चित्रकूट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने शुरू किए। वारदात के बाद आसपास बड़ी संख्या में लोग भी जमा हो गए।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कराई है। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस टीम हमलावरों के आने और भागने के रास्ते की जानकारी जुटा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गंगासहाय कुमावत साल 2018 में करीब आठ साल पहले जयपुर के मोती डूंगरी इलाके में महेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में दोषी था। इस मामले में अदालत से सजा हुई थी, जिसके बाद वह सांगानेर खुली जेल में सजा काट रहा था। बुधवार को जेल लौटते समय उसकी हत्या कर दी गई।
गंगासहाय की पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस उसकी हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या गैंगवार की आशंका से भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महेंद्र गुर्जर हत्याकांड से जुड़े किसी विवाद के चलते तो गंगासहाय को निशाना नहीं बनाया गया। फिलहाल हत्या के कारण और हमलावरों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
राजस्थान समेत पूरे देश में कई खुली जेल हैं, ये ऐसी जेल होती हैं, जहां से कैदी कुछ घंटे के लिए बाहर जाकर रोजी-रोटी कमा सकते हैं। हालांकि, शाम को जेल में वापस लौटना होता है। खुली जेल में ऐसे कैदियों को रखा जाता है जिनका जेल में रहने के दौरान आचरण ठीक रहा हो। या उन कैदियों को भी खुली जेल में रखा जाता है, जो जेल में सजा का बड़ा हिस्सा काट चुके हों और उनका आचरण जेल में रहने के दौरान ठीक रहा हो।