जयपुर

Jaipur News: ‘पापा को दी गाली, मुझ पर लगाया लांछन…’, जयपुर में 17 साल की छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम

Jaipur Student Consumes Poison: फीस को लेकर कथित बदसलूकी से आहत एक छात्रा ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। सुसाइड नोट में छात्रा ने शिक्षक पर अपमानजनक टिप्पणी करने और परिजनों को धमकाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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Mar 17, 2026
जामडोली थाना (पत्रिका फाइल फोटो)

Jaipur News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षा को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जामडोली इलाके में स्थित एक विद्यालय में भाई और बहन की स्कूल फीस जमा न होने पर शिक्षकों द्वारा की गई कथित प्रताड़ना से तंग आकर 17 वर्षीय छात्रा ने विषाक्त पदार्थ (जहर) का सेवन कर लिया।

छात्रा ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें स्कूल प्रशासन की संवेदनशीलता और एक अध्यापक के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

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क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा और उसका भाई शहर के ही एक निजी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। आर्थिक तंगी या किन्हीं कारणों से परिवार दोनों बच्चों की फीस समय पर जमा नहीं करा सका था।

आरोप है कि फीस बकाया होने के चलते स्कूल प्रशासन लगातार बच्चों पर दबाव बना रहा था। मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि छात्रा ने घर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों की कड़ी मशक्कत के बाद अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

सुसाइड नोट में छलका दर्द: चरित्र पर लगाया लांछन

पुलिस को छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो स्कूल के भीतर होने वाली मानसिक प्रताड़ना की गवाही दे रहा है। सुसाइड नोट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं, छात्रा ने लिखा कि फीस जमा न होने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) ने कथित रूप से प्रतिदिन 100 रुपए पेनाल्टी लगाने की धमकी दी थी।

एक अध्यापक पर आरोप है कि उन्होंने छात्रा के पिता को लेकर बेहद अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। सुसाइड नोट में सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि संबंधित अध्यापक ने छात्रा के चरित्र पर लांछन लगाया और उसे स्कूल में सबके सामने अपमानित किया।

परिजनों का फूटा गुस्सा, पुलिस जांच में जुटी

छात्रा के पिता और परिजनों ने इस घटना के बाद जामडोली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि फीस की मजबूरी को स्कूल प्रशासन को समझना चाहिए था, न कि बच्ची को इस कदर प्रताड़ित करना चाहिए कि वह जान देने पर उतारू हो जाए। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है और हैंडराइटिंग मिलान के साथ-साथ स्कूल के अन्य छात्रों और स्टाफ से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

शिक्षा जगत में आक्रोश

इस घटना ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जानकारों का कहना है कि फीस के लिए किसी छात्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना 'जुवेनाइल जस्टिस एक्ट' और शिक्षा के अधिकारों का उल्लंघन है। यदि कोई अध्यापक छात्रा के चरित्र पर टिप्पणी करता है, तो यह कानूनी रूप से भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

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Updated on:
18 Mar 2026 12:30 pm
Published on:
17 Mar 2026 07:21 am
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