Vande Mataram Road: जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने जयपुर शहर की सबसे चौड़ी मानी जाने वाली सड़क वंदे मातरम रोड को सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए बड़े स्तर पर रीडेवलपमेंट की योजना तैयार की है। इस प्रोजेक्ट का मकसद सड़क को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और दुर्घटनाओं को कम करना है।
Jaipur News: जयपुर विकास प्राधिकरण JDA ने शहर की सबसे चौड़ी वंदे मातरम रोड के कायाकल्प की तैयारी पूरी कर ली है, जिससे अगले 6 महीनों में यह सड़क सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ एक नए स्वरूप में नजर आएगी। वंदे मातरम रोड पर कई ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। इन ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने के लिए खास ध्यान दिया जाएगा। हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण के बाद, जेडीए ने शहर की सबसे चौड़ी मानी जाने वाली 200 फुट चौड़ी इस सड़क के लिए एक नया डिजाइन तैयार किया है।
इसका दोहरा उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार और इसकी सुंदरता को बढ़ाना है। साथ ही सड़क पर फुटपाथ और साइन बोर्ड की कमी को भी दूर किया जाएगा, ताकि पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों को सुविधा मिल सके। अधिकारियों के अनुसार इस सड़क को भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार दोबारा डिजाइन किया जाएगा। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क पर होने वाली अव्यवस्था में कमी आएगी।
नए डिजाइन में चौड़ी मुख्य सड़क, सर्विस रोड, फुटपाथ और ग्रीन बेल्ट जैसी सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी। इसके अलावा बस लेन, पार्किंग स्पेस और अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर भी बनाए जाएंगे, जिससे शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा बेहतर हो सकेगा। इस सड़क पर छह चौराहे और दो प्रमुख जंक्शन शामिल हैं, जिनमें भारत माता, खरबस, वंदे मातरम, हयात और इस्कॉन चौराहे शामिल हैं। जेडीए के एक अधिकारी ने बताया सबसे पहले हम एक उचित लेन प्रणाली लागू करेंगे और दिल्ली और अहमदाबाद की सड़कों की तर्ज पर भारतीय सड़क कांग्रेस मानकों के अनुसार पूरे मार्ग का पुनर्निर्माण करेंगे।
जेडीए के एक अधिकारी के अनुसार, नई योजना में मुख्य सड़क को 35-40 फीट और इसके दोनों तरफ की सर्विस रोड को 20-25 फीट चौड़ा बनाया जाएगा। इसके साथ ही पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ, हरियाली के लिए ग्रीन बेल्ट, बिजली-पानी की लाइनों के लिए यूटिलिटी कॉरिडोर और बारिश के पानी के निकास का उचित प्रबंध भी किया जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने बताया, पानी, सीवरेज, बिजली, दूरसंचार, गैस और स्ट्रीटलाइट्स के लिए भूमिगत लाइनों के लिए अलग-अलग गलियारे होंगे। हम दोनों ओर बस-वे और पार्किंग स्थल बनाएंगे।
अथॉरिटी अब सड़क को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ उसे सुंदर भी बनाएगी। योजना यह है कि छह प्रमुख चौराहों पर यादगार मूर्तियां या स्मारक लगाए जाएंगे और डिवाइडर पर पेड़-पौधे उगाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि अगले 6 महीनों में न्यू सांगानेर रोड से मुहाना मंडी के बीच की सड़क बिल्कुल नई और आकर्षक दिखने लगेगी, क्योंकि इस पूरे रास्ते को नए सिरे से सजाया और बनाया जा रहा है।
अगले छह महीनों में, हमें उम्मीद है कि न्यू सांगानेर रोड से मुहाना मंडी तक के हिस्से का स्वरूप बदल जाएगा। न्यू सांगानेर रोड-मुहाना मंडी का वह हिस्सा जो इस हिस्से से मिलता है, उसे भी नया रूप दिया जाएगा। इस सड़क से रोजाना लगभग 10,000 वाहन गुजरते हैं, इसलिए चौराहों को भी उसी तरह तैयार किया जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना से यातायात प्रवाह में सुधार, दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी और जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में से एक में अधिक व्यवस्थित शहरी गलियारा बनने की उम्मीद है।