
आरोपी राजेश कुमार फागणा व संदीप सैनी। फोटो: पत्रिका
जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले टेक्निकल हेल्पर तृतीय संदीप सैनी को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। री-मेडिकल जांच के दौरान इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इधर, एसओजी ने शारीरिक शिक्षक (पीटीआइ) भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी बीपीएड डिग्री से नौकरी पाने वाले आरोपी राजेश कुमार फागणा को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि 6 मार्च 2026 को एसएमएस अस्पताल के नाक, कान और गला विभाग में जांच के दौरान जन आधार कार्ड देखकर डॉक्टरों को संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ में अशोक कुमार जाट ने संदीप के स्थान पर डमी होने की बात स्वीकार कर ली। एसओजी ने अशोक को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी संदीप सैनी फरार हो गया था। एसओजी ने 18 मई की रात को मुख्य आरोपी संदीप सैनी को भी दबोच लिया।
ऐसे बदला प्रमाण पत्र: जांच में सामने आया कि मूलत: झुंझुनूं निवासी संदीप सैनी ने पहले झुंझुनूं के राजकीय बीडीके अस्पताल से हेमीपैरेसिस (शारीरिक कमजोरी) का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाया था। बाद में उसने इसमें फर्जीवाड़ा कर इसे हियरिंग इम्पेयरमेंट (सुनने की दिव्यांगता) के सर्टिफिकेट में बदल दिया और दिव्यांग कोटे से बिजली निगम में नौकरी हासिल कर ली।
री-मेडिकल का डर और डमी का खेल: कार्मिक विभाग के 28 अगस्त 2025 के परिपत्र के अनुसार संदीप का पुनः चिकित्सीय परीक्षण (बीईआरए और पीटीए जांच) होना था। पकड़े जाने के डर से उसने अपने परिचित अशोक कुमार जाट को 10,000 रुपए (बाद में मनचाही रकम) देकर अपनी जगह एसएमएस अस्पताल भेज दिया।
एसओजी ने शारीरिक शिक्षक (पीटीआइ) भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी बीपीएड डिग्री से नौकरी पाने वाले आरोपी राजेश कुमार फागणा को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी कोटपूतली-बहरोड़ के फागणों की ढाणी का निवासी है। आरोपी ने उत्तर प्रदेश की जे.एस. यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों और दलालों से साठगांठ कर बैक डेट (सत्र 2017-19) की फर्जी डिग्री तैयार करवाई थी। इसी के आधार पर उसने साल 2023 में मारकपुर (गोविंदगढ़, अलवर) के सरकारी स्कूल में पीटीआइ की नौकरी हासिल की। एसओजी ने इस फर्जीवाड़े के खिलाफ साल 2024 में प्रकरण दर्ज किया था, तब से आरोपी फरार था।
एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि आरोपी राजेश फागणा ने दलाल पंकज जैन और पी.एस. चौहान के जरिये यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों से संपर्क साधा था। इन सभी ने मिलकर मोटी रकम के बदले राजेश को बैक डेट की फर्जी मार्कशीट और डिग्री दे दी। इस मामले में यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों सुकेश कुमार और नंदन कुमार मिश्रा को एसओजी 6 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है।
Updated on:
21 May 2026 07:46 am
Published on:
21 May 2026 07:45 am
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