Jaipur Traffic Police News : अब पुलिस अपने ही महकमें के जवानों को ना सिर्फ अवैध वसूली करते पकड़ेगी, बल्कि आरोपी जवान को सस्पेंड करने कार्रवाई करेगी।
जयपुर।
राजधानी जयपुर में अब वाहन चालकों से 'घूस' लेना ट्रेफिक पुलिस जवान के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसा करने के लिए अब उन्हें पहले से ज़्यादा अलर्ट रहना होगा। दरअसल, चालकों से अवैध रूप से वसूली करने की लगातार मिल रही शिकायतों पर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर एक्शन मोड पर आने का दावा किया है। ऐसे में अब पुलिस अपने ही महकमें के जवानों को ना सिर्फ अवैध वसूली करते पकड़ेगी, बल्कि आरोपी जवान को सस्पेंड करने कार्रवाई करेगी।
चलाया जाएगा डिकॉय ऑपरेशन
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट अब वाहन चालकों से वसूली करते ट्रेफिक पुलिसकर्मी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए 'डिकॉय ऑपरेशन' चलाने जा रही है। इसके तहत कमिश्नरेट की विशेष टीम में शामिल पुलिस के जवान 'बोगस' वाहन चालक बनकर एक सुनियोजित तरह से अपने मकसद को अंजाम देगी।
सुधर जाओ, वरना...
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस के सभी इंचार्ज की मीटिंग ली, जिसमें सभी को ईमानदारी से काम करने और सुचारू ट्रैफिक संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने 'वसूली के खुले खेल' को लेकर गंभीरता जताई। साथ ही चेतावनी दी कि भ्रष्ट पुलिसकर्मी सुधर जाएं। डिकॉय ऑपरेशन में वसूली करते पकड़े गए तो निलंबित किया जाएगा।
एक सुझाव ये भी
मीटिंग में एक पुलिस अफसर ने सुझाव दिया कि आमजन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के वसूली करने का वीडियो बनाकर कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर ट्रैफिक व डीसीपी ट्रैफिक को भेज सकते हैं।
सूचना हो जाती है लीक
मीटिंग में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने बताया कि डिकॉय करने वाली टीम भी कमिश्नरेट की होती है। पहले भी डिकॉय के लिए टीम फील्ड में निकलती थी, तभी वायरलेस पर यहां रास्ता जाम है, सभी अलर्ट होकर काम करें, जाम को खुलवाएं... जैसे संदेश कोड वर्ड में चल जाते हैं। इससे भ्रष्ट पुलिसकर्मी अलर्ट हो जाते हैं।
आईपीएस अधिकारी के परिचित से भी वसूली
ट्रैफिक पुलिसकर्मी वसूली में इतने बेखौफ हो गए कि किसी को भी नहीं बख्श रहे। हाल ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने एक आईपीएस अधिकारी के परिचित से ही 500 रुपए वसूल लिए। आईपीएस अधिकारी के परिचित ने बताया कि गत सप्ताह उन्हें ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया। उनके पास कार से संबंधित सभी दस्तावेज थे। प्वाइंट पर तैनात पुलिसकर्मियों को दिखाए, लेकिन वह कुछ सुनने को तैयार नहीं थे।
आईपीएस अधिकारी को फोन किया तो उन्होंने पुलिसकर्मियों तक मैसेज पहुंचाने की बात कही, लेकिन ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने पांच सौ रुपए वसूल कर ही परिचित को जाने दिया। अब मामला सामने आने के बाद पुलिसकर्मी अपनी करतूत पर माफी मांगते फिर रहे हैं।