5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जयपुर में टैक्सी ड्राइवर निकला गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग का गुर्गा, टीचर की हत्या मामले में जा चुका है जेल

जयपुर में गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह से जुड़ा कृष्ण सिंह दो साल तक टैक्सी ड्राइवर बनकर छिपा रहा। भाई की ट्रैवल एजेंसी में काम करते हुए नेटवर्क से जुड़ा रहा। पुलिस अब रंगदारी कॉल से कनेक्शन की जांच कर रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Arvind Rao

•

Updated: 27 Apr 2026, 7:36 AM IST

Jaipur Rohit Godara gang aide hid as taxi driver jailed in teacher murder case landlord lapse exposed

टैक्सी ड्राइवर निकला गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग का गुर्गा (पत्रिका फोटो)

Gangster Rohit Godara Gang: जयपुर: अपराध के बदलते तौर-तरीकों का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह से जुड़ा आरोपी कृष्ण सिंह पिछले दो साल से जयपुर में टैक्सी चालक बनकर रह रहा था।

बता दें कि जिस मकान में वह रहा, उसके मालिक ने उसका पुलिस सत्यापन भी नहीं करवाया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक उजागर हुई है। पुलिस की जांच के अनुसार, कृष्ण सिंह अपनी पहचान छिपाकर सामान्य व्यक्ति की तरह रह रहा था।

भाई की ट्रैवल एजेंसी में करता था काम

एडीजी एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के दिनेश एमएन ने बताया कि कृष्ण सिंह अपने भाई की ट्रैवल्स एजेंसी में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था और इसी आड़ में शहर में सक्रिय रहा। इस दौरान वह गैंग के संपर्क में रहकर गतिविधियों को अंजाम देता रहा या नेटवर्क को सहयोग करता रहा। इस एंगल पर अब एजीटीएफ गहन जांच कर रही है।

ऐसे हुआ था कुख्यात गैंगस्टर वीरेंद्र चारण गैंग से संपर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि परबतसर में एक शिक्षक की हत्या के मामले में जेल जाने के दौरान कृष्ण सिंह का संपर्क कुख्यात गैंगस्टर वीरेंद्र चारण गैंग से हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से अपराध की दुनिया में लौट आया और गैंग के लिए काम करने लगा।

लक्ष्मण से हुई मुलाकात

फरारी के दौरान कृष्ण सिंह की मुलाकात आदतन अपराधी लक्ष्मण सिंह से हुई, जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे। एजीटीएफ के एएसपी सिद्धांत शर्मा और उप अधीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में दोनों आरोपियों से अन्य वारदात के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

आशंकाः रंगदारी के लिए फोन करवाया

एजीटीएफ टीम को आशंका है कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के कई रसूखदार कारोबारियों को गैंगस्टर्स की ओर से रंगदारी के लिए धमकियां मिल चुकी हैं। एजीटीएफ अब इन सभी मामलों में कृष्ण सिंह की संभावित भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि, आरोपी लक्ष्मण सिंह की गैंगस्टर्स से संपर्कों के संबंध में भी तकनीकी टीम जांच में जुटी है।