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BAP नेता के भाई की हत्या का मामला: साजिश रचने वाला एक और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, प्रेम प्रसंग में हुआ था खूनी खेल

Banswara Murder Case: खमेरा थाना क्षेत्र के काली मगरी गांव में बीएपी नेता के भाई अनिल निनामा की हत्या मामले में पुलिस ने थाना खमेरा के एक और वांछित अभियुक्त पवन उर्फ पूनिया पुत्र कालिया निवासी तोड़ी सिमरोल को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है, आरोपी साजिश रचने में संलिप्त था।

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Banswara BAP Leader Brother Murder Case

Banswara BAP Leader Brother Murder Case (Patrika Photo)

Banswara BAP Leader Brother Murder Case: घाटोल (बांसवाड़ा): खमेरा थाना क्षेत्र के काली मगरी गांव में भारत आदिवासी पार्टी के नेता के भाई अनिल निनामा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है।

पुलिस ने इस हत्याकांड की साजिश में शामिल एक और वांछित आरोपी पवन उर्फ पूनिया (पुत्र कालिया, निवासी तोड़ी सिमरोल) को गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाली थानाधिकारी बुधाराम बिश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पवन न केवल हत्या की साजिश रचने में शामिल था, बल्कि वारदात के समय अनिल को पकड़ने के बाद मौके पर भी पहुंच गया था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

क्या थी घटना और क्या था कारण?

घटनाक्रम के अनुसार, यह वारदात 14 अप्रैल की देर रात को हुई थी। पुलिस जांच और प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना प्रेम प्रसंग से जुड़ी थी। मृतक अनिल निनामा का एक विवाहित महिला के साथ कथित संबंध था। 14 अप्रैल की रात अनिल को काली मगरी इलाके में घेरा गया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

अब तक की कार्रवाई

मृतक अनिल निनामा, विधानसभा चुनाव में बीएपी प्रत्याशी रहे अशोक निनामा के सगे भाई थे। इस हाई-प्रोफाइल मामले के कारण क्षेत्र में काफी आक्रोश था और परिजन पिछले दस दिनों से धरने पर बैठे थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले मुख्य आरोपी सिद्धार्थ (निवासी टोडी सिमरोल) और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद वारदात में सिद्धार्थ का साथ देने वाले गणेश को भी सलाखों के पीछे भेजा गया। परिजनों ने सिद्धार्थ के जीजा प्रकाश को इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया था।

हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच (मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल) में प्रकाश के खिलाफ अब तक संलिप्तता के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। फिलहाल, पुलिस पवन उर्फ पूनिया से पूछताछ कर रही है ताकि हत्याकांड से जुड़ी अन्य कड़ियों और संभावित फरार आरोपियों का पता लगाया जा सके।