
मृतक अनिल और आरोपी सिद्धार्थ (फोटो- पत्रिका)
Banswara BAP Leader Brother Murder Case: घाटोल (बांसवाड़ा): शादीशुदा महिला से कथित प्रेम-प्रसंग पर बांसवाड़ा जिले के घाटोल ब्लॉक के खमेरा थानांतर्गत काली मगरी गांव में कुछ लोगों ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार देर रात हुई वारदात का मृतक भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के क्षेत्रीय नेता का भाई था।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई कर एक आरोपी और उसकी पत्नी को डिटेन किया है। पुलिस के अनुआर, मध्यरात्रि बाद के खमेरा थाने के ड्यूटी ऑफिसर एएसआई शंकरलाल को फोन पर मामले की सूचना मिली थी। वारदात में गंभीर घायल बोरपी केरेंग निवासी 28 वर्षीय अनिल पुत्र केशवलाल निनामा को खमेरा सीएचसी लाए जाने पर प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस उसके बयान लिए।
फिर चिकित्सक ने रेफर किया तो उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। अनिल ने इलाज के दौरान मंगलवार सुबह करीब छह बजे दम तोड़ दिया। मृतक विधानसभा चुनाव में बीएपी के प्रत्याशी रहे अशोक निनामा का सगा भाई होने से वारदात की जानकारी पर क्षेत्र के लोगों में रोष फैल गया।
बड़ी संख्या में लोग मोर्चरी पर एकत्र हुए तो डीएसपी बांसवाड़ा गोपीचंद मीना और कोतवाल बुधाराम बिश्नोई के साथ पुलिस बल डटा। बाद में अशोक निनामा और प्रतिनिधिमंडल ने एसपी कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट दी।
मामले में एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि आरोपी टोडी सिमरोल निवासी सिद्धार्थ और उसकी पत्नी लक्ष्मी को डिटेन कर लिया गया है। अन्य आरोपी इलाका छोड़ भागने पर तलाश में टीमें लगाई गई हैं।
जवान बेटे की हत्या पर मृतक के पिता केशवलाल मोर्चरी के बाहर घंटों तक बिलखता रहे। वह डूंगर के उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। इस बीच, मृतक के परिजनों ने बताया कि अनिल की दो बेटियां हैं, इनमें एक डेढ़ महीने की है।
दोपहर बाद एफएसएल टीम ने मौका मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। आरोपी सिद्धार्थ के ससुराल के सौ डेढ़ सौ मीटर दूर टीम को अलग-अलग जगह दो बाइक, झाड़ियों में चाबियां और एक जगह बालों के टुकड़े बिखरे मिले।
इनमें एक बाइक मृतक की जबकि दूसरी किसी रिश्तेदार की बताई गई। मौके पर बाल किसके पड़े हैं, यह अब नमूनों की जांच से स्पष्ट होगा। टीम आरोपियों के घरों पर तक गई, लेकिन वहां ताले लटके मिले।
मृत्युपूर्व बयान और पुलिस की अब तक की पूछताछ से सामने आया कि काली मगरी गांव में अपने पीहर गई लक्ष्मी से मिलने अनिल सोमवार रात को बाइक लेकर गया था। भनक पर उसके पति सिद्धार्थ और उसके साथियों ने खेत में घेराबंदी की और लठ-पत्थरों से हमला कर अनिल को वहीं बेसुध कर दिया और झाड़ियों में फेंक गए। सिद्धार्थ सोनमगरी पंचायत में कनिष्ठ लिपिक बताया गया।
वारदात की रिपोर्ट पर खमेरा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया। चिकित्सकों ने शुरुआती जांच में सिर में गम्भीर चोट से मौत होना बताया। हालांकि, अनिल के बदन पर जगह-जगह चोटों के निशान थे।
हत्या के पीछे बीएपी नेता अशोक ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए सागबारी सरपंच प्रकाश को सूत्रधार बताया है। मीडिया के सामने उन्होंने कहा कि अनिल घर पर गांव के कांतिलाल के घर नौतरे में जाने कहकर निकला था। देर रात को प्रकाश ने ही फोन कर बताया कि उसके साले सिद्धार्थ के ससुराल काली मगरी में अनिल पड़ा है।
तब उसने जाकर तलाशा और उसे अस्पताल भिजवाया। अशोक ने यह भी बताया कि अनिल और प्रकाश की साली सहपाठी रहे। पूर्व में मैसेज भेजने की बात को लेकर विवाद विवाद उठा तो बदनामी टालने के लिए सुलह हुई। प्रकाश ने धमकी दी थी।
राजनीति में सक्रिय होने से अनिल ही घर-परिवार संभालता था। इसलिए उसे तोड़ने के लिए भाई की साजिश के तहत हत्या हुई है। प्रकाश पहले भी अपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का दावा कर अशोक ने पुलिस से विस्तृत जांच कर सभी आरोपी गिरफ्तार करने की मांग की।
Updated on:
15 Apr 2026, 10:10 AM IST
Published on:
15 Apr 2026, 10:10 AM IST
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