
Drug Trafficking Increase In Jaipur: राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी की जड़ें उखड़ने का नाम नहीं ले रही हैं। राजधानी जयपुर में हालात और भी गंभीर हैं। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद तस्करों का नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है। पुलिस एक तस्कर गिरफ्तार करती है तो उसी समय दूसरा तैयार मिलता है।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले दो महीनों में शहर में मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में 152 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से करीब 5.50 करोड़ रुपए मूल्य के विभिन्न मादक पदार्थ जैसे एमडी, स्मैक, गांजा, अफीम और कोकीन बरामद किए गए हैं। इसके बावजूद तस्करी और सप्लाई चेन पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
मादक पदार्थ तस्करी के इस धंधे में विदेशी नागरिक भी लिप्त हैं। बीते दो महीनों में ही तस्करी के मामलों में 13 विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि ये आरोपी अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिये नशे की खेप जयपुर तक पहुंचा रहे थे।
पुलिस ने पाया कि होटल, किराए के मकान और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर तस्कर निगरानी से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस लगातार अभियान चलाकर तस्करों पर शिकंजा कस रही है, लेकिन नशे की बढ़ती मांग उन्हें नया हौसला दे रही है। युवा वर्ग में नशे की लत इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। स्कूल-कॉलेज के आस-पास और शहरी इलाकों में नशे की आसान उपलब्धता समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी से समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसके लिए तस्करी की जड़ों तक पहुंचकर सप्लाई चेन तोड़ना, आर्थिक स्रोतों पर प्रहार करना और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाना आवश्यक है। साथ ही, आमजन की सहभागिता और सूचना तंत्र को मजबूत किए बिना इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाना मुश्किल होगा।
दर्ज प्रकरण: 130
गिरफ्तार तस्कर: 152
बरामद गांजा: 34.500 किलो
अफीम: 260 ग्राम
चरस: 196 ग्राम
स्मैक: 863 ग्राम
कोकीन: 77 ग्राम
एमडी: 200 ग्राम
नशीली दवा: 16,120 कैप्सूल व टैबलेट
बरामद पदार्थ की कीमत: 5.49 करोड़ रुपए
जब्त वाहन: 18