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Rajasthan: मंत्री को विधानसभा अध्यक्ष की नसीहत; बोले- कलेक्टर नहीं, मंत्री देते हैं मार्गदर्शन

Rajasthan Assembly News: राजस्थान विधानसभा में राशन दुकानों के आवंटन को लेकर जोरदार बहस हुई। कांग्रेस विधायकों ने मंत्री से इस पर सवाल पूछा। जानिए फिर आगे क्या हुआ?

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जयपुर

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Himesh Rana

Mar 05, 2026

Rajasthan Assembly News: राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राशन दुकानों के आवंटन का मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया। कांग्रेस विधायक सुरेश मोदी और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने सरकार को घेरते हुए सवाल उठाए। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, जो खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया नीमकाथाना क्षेत्र में कुल 10 आवेदन मिले थे। इनमें से 3 को दुकानें दी गईं, 2 आवेदन खारिज हुए और 4 मामलों में मार्गदर्शन मांगा गया है।

मार्गदर्शन पर उठा सवाल

मंत्री के जवाब पर सुरेश मोदी ने सवाल किया कि जब आवंटन के स्पष्ट नियम हैं, तो फिर मार्गदर्शन की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने कहा कि इससे भ्रष्टाचार की आशंका पैदा होती है। जब मंत्री ने लिखित जवाब दोहराया तो मोदी ने तंज कसते हुए पूछा कि मार्गदर्शन किससे मांगा जा रहा है? उन्होंने व्यंग्य में कहा- क्या आप महात्मा गांधी से मार्गदर्शन लेना चाहते हैं? स्थिति स्पष्ट न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री से साफ जवाब देने को कहा। तब मंत्री ने बताया कि मार्गदर्शन जिला कलेक्टर से मांगा गया है।

अध्यक्ष की टिप्पणी से बढ़ी चर्चा

जवाब सुनते ही रामकेश मीणा ने कहा कि अगर मंत्री को कलेक्टर से मार्गदर्शन लेना पड़ रहा है, तो यह सरकार के लिए ठीक संकेत नहीं है। मंत्री ने सफाई दी कि जिला आपूर्ति अधिकारी ने कलेक्टर से मार्गदर्शन मांगा है और जैसे ही जवाब मिलेगा, निर्णय लिया जाएगा। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने टिप्पणी की कि सामान्य तौर पर कलेक्टर मंत्री से मार्गदर्शन लेते हैं, न कि मंत्री कलेक्टर से। इस टिप्पणी के बाद सदन में हलचल बढ़ गई।

दो-बच्चों की शर्त हटाने के लिए संशोधन विधेयक पेश

इसी दिन राज्य सरकार ने दो अहम संशोधन विधेयक भी सदन में पेश किए। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने पंचायती राज संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया। वहीं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नगर पालिका संशोधन विधेयक पेश किया। इन विधेयकों में पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव में लागू दो-बच्चों की पात्रता शर्त को हटाने का प्रस्ताव है। यदि यह संशोधन पारित होता है, तो वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पार्षद, मेयर और अन्य पदों के लिए दो से अधिक बच्चों की सीमा लागू नहीं रहेगी। राजनीतिक हलकों में इसे आगामी चुनावों से पहले बड़ा फैसला माना जा रहा है।