
राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार देर रात से शुरू हुआ झमाझम बारिश का दौर सोमवार की सुबह तक लगातार जारी रहा, जिससे पूरे शहर का मौसम तो सुहाना हो गया, लेकिन नगर निगम और जेडीए के ड्रेनेज सिस्टम के दावों की एक बार फिर पोल खुल गई है। मानसून की इस मूसलाधार बारिश के कारण जयपुर के अधिकांश इलाकों में मुख्य सड़कें और गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं। लेकिन सबसे ज्यादा चिंताजनक हालात गुर्जर की थड़ी इलाके से सामने आए। यहां के शांति नगर रोड पर भारी कटाव आने की वजह से मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे वहां एक बेहद गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया है। इस घटना ने स्थानीय निवासियों और सुबह-सुबह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने वाले माता-पिता के बीच भारी परेशानी पैदा कर दी है।
शांति नगर की जिस मुख्य सड़क पर यह गहरा गड्ढा हुआ, ठीक उसी के सामने दो बड़े निजी स्कूल स्थित हैं। सोमवार का दिन और सुबह से ही स्कूलों में बच्चों और परिजनों की आवाजाही शुरू हो जाती है, ऐसे में ठीक स्कूल के मुख्य गेट के पास सड़क का इस तरह धंसना बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
सुबह जब अभिभावक अपने छोटे बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे, तो बीच सड़क पर गहरे मलबे और कटाव को देखकर वहां जाम की स्थिति बन गई और किसी भी अनहोनी की आशंका को लेकर लोग चिंतित नजर आए।
जयपुर में हर साल मानसून के दौरान जलभराव और सड़कों के टूटने की समस्या आम हो जाती है, और इस बार भी हालात बिल्कुल वैसे ही दिखाई दे रहे हैं। देर रात हुई तेज बारिश का पानी जब ड्रेनेज लाइनों से ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगा, तो कमजोर डामर और अंदरूनी खोखलेपन के कारण मिट्टी का कटाव शुरू हो गया।
शांति नगर रोड पर हुआ यह गड्ढा इतना बड़ा है कि इसमें कोई भी दुपहिया वाहन या राहगीर आसानी से हादसे का शिकार हो सकता है। स्थानीय लोगों ने एहतियातन इस गड्ढे के चारों तरफ पत्थर और कुछ अवरोधक लगाए हैं ताकि दूर से आ रहे वाहन चालकों को इसका पता चल सके।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, जयपुर के मालवीय नगर, टोंक रोड, वैशाली नगर, मानसरोवर, चारदीवारी और गुर्जर की थड़ी सहित अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। लगातार हो रही इस बारिश की वजह से शहर के निचले इलाकों और अंडरपासों में पानी लबालब भर गया है, जिससे लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है।
इस पूरी घटना के बाद शांति नगर और गुर्जर की थड़ी के निवासियों में नगर निगम के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है, जिसके कारण पहली ही तेज बारिश में सड़कें धंसने लगती हैं।
स्कूल के पास हुए इस बड़े कटाव की सूचना स्थानीय कंट्रोल रूम को दे दी गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक जेडीए या निगम की कोई टीम मौके पर राहत कार्य या बैरिकेडिंग के लिए नहीं पहुंची थी, जिससे हादसे का लाइव खतरा लगातार बना हुआ है।
शांति नगर के निवासियों ने बताया कि यदि समय रहते इस गहरे गड्ढे को ठीक नहीं किया गया या इसके चारों तरफ परमानेंट घेराबंदी नहीं की गई, तो दोपहर में जब स्कूल की छुट्टी होगी और सैकड़ों बच्चे एक साथ बाहर निकलेंगे, तब स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बारिश के कारण गड्ढे के आस-पास की मिट्टी अभी भी गीली है और वह धीरे-धीरे और धंस रही है। पैरेंट्स ने स्कूल प्रशासन और जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस संवेदनशील मार्ग पर तुरंत मरम्मत का काम शुरू करवाया जाए ताकि मरुधरा के इन मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।