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AICC ने जारी किया राहुल गांधी के राजस्थान दौरे का वीडियो, मोदी सरकार की MSME नीतियों पर किए प्रहार

AICC ने Rahul Gandhi के Rajasthan दौरे का एक नया वीडियो जारी किया है। वीडियो में राहुल गांधी स्थानीय बस और ट्रक बॉडी-बिल्डिंग वर्कशॉप के कारीगरों और मालिकों से बातचीत कर रहे हैं।
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Rahul Gandhi Rajasthan Visit AICC Video PIC

Rahul Gandhi Rajasthan Visit AICC Video PIC

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के राजस्थान दौरे का एक वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी किया है। इस वीडियो में राहुल गांधी राजस्थान के एक स्थानीय बस और ट्रक बॉडी-बिल्डिंग वर्कशॉप के अंदर वहां काम करने वाले कारीगरों, वेल्डरों और वर्कशॉप के मालिकों से मुलाकात और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस द्वारा जारी किया गया यह वीडियो राजस्थान के उन हजारों मध्यम और लघु उद्योगों (MSME) से जुड़े परिवारों की जमीनी समस्याओं और उनके मानवीय दर्द को गहराई से उजागर करता है, जो लंबे समय से कड़े नियमों और आर्थिक मंदी के बोझ तले दबकर अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

हुनर की तारीफ, नियमों पर जताई चिंता

कांग्रेस पार्टी ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला है। आधिकारिक पोस्ट में लिखा गया है, "नेता विपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के लोकल बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स से मुलाकात की है। इन हुनरमंद लोगों के पास जो अद्भुत और विश्व स्तरीय कारीगरी है, उसे वास्तव में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन बेहद अफ़सोस की बात है कि आज इन छोटे और स्थानीय उद्योगों को कड़े नियमों के भारी बोझ तले पूरी तरह से बंद होने पर मजबूर किया जा रहा है।"

MSME नीतियों पर 'वार'

वीडियो के माध्यम से कांग्रेस ने सीधे तौर पर देश की वर्तमान औद्योगिक नीतियों को कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार की MSME विरोधी नीतियां हिंदुस्तान को रफ्तार और युवाओं को रोजगार देने वाले इन पारंपरिक और महत्वपूर्ण स्थानीय उद्योगों का गला घोंट रही हैं।

राहुल गांधी ने वर्कशॉप में काम कर रहे मजदूरों के पास बैठकर उनकी दैनिक आमदनी, काम के दौरान सुरक्षा के साधन और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण आ रही दिक्कतों को बहुत ध्यान से सुना। कारीगरों ने भी राहुल गांधी को अपनी मशीनें दिखाईं और बताया कि किस तरह नए सरकारी नियमों के कारण उनके ऑर्डर लगातार कम होते जा रहे हैं।

मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे : कांग्रेस

वीडियो के साथ जारी किए गए संदेश में कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान के इन कामगारों से एक वादा भी किया है। पोस्ट के अंत में लिखा गया है, "हमारा यह साफ वादा है कि हम इन सभी मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगे। राजस्थान के इस बेमिसाल हुनर के हक को हम किसी भी कीमत पर छिनने नहीं देंगे।"

इस बयान के बाद राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों और श्रमिक संगठनों के बीच चर्चाओं का बाजार काफी गर्म हो गया है।

यह बॉडी-बिल्डिंग उद्योग क्यों है बेहद खास?

राजस्थान में बसों और ट्रकों की बॉडी बनाने का काम एक बहुत बड़ा कुटीर और मध्यम उद्योग माना जाता है। जयपुर, अजमेर, अलवर और जोधुपर के आस-पास ऐसे सैकड़ों वर्कशॉप स्थित हैं, जहां तैयार होने वाली गाड़ियों की मजबूत बनावट की मांग पूरे उत्तर भारत और गुजरात तक रहती है।

इस उद्योग से न केवल मुख्य कारीगर बल्कि लोहा, पेंट, वेल्डिंग मटीरियल और ऑटोमोबाइल पार्ट्स बेचने वाले हजारों छोटे व्यापारी भी सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। राहुल गांधी का इन लोगों के बीच इस तरह अचानक पहुंचना इस पूरे पारंपरिक सेक्टर को मुख्यधारा की राजनीति के केंद्र में ले आया है।

स्थानीय कारीगरों और मालिकों में जगी एक नई उम्मीद

वर्कशॉप के मालिकों और वहां काम करने वाले बुजुर्ग कारीगरों ने राहुल गांधी से बातचीत में खुलकर अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि जीएसटी (GST) की विसंगतियों और ऑटो फिटनेस के बदलते कड़े मापदंडों के कारण छोटे स्तर के बॉडी बिल्डर्स के लिए बड़े कॉरपोरेट घरानों के साथ प्रतिस्पर्धा करना असंभव होता जा रहा है।

स्थानीय एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद अब उम्मीद है कि राज्य और केंद्र सरकार इन छोटे उद्योगों को बचाने के लिए किसी विशेष पैकेज या नियमों में सरलीकरण पर विचार कर सकती है।