Jaipur News: जयपुर शहर की बारिश का आंकड़ा एक हजार मिलीमीटर पार पहुंच गया है। लेकिन, जानकर हैरानी होगी कि यह आंकड़ा पूरे शहर का नहीं, सिर्फ तीन स्थानों पर हुई बारिश का है।
मानसून सीजन में इस बार भले ही जयपुर शहर की बारिश का आंकड़ा एक हजार मिलीमीटर पार पहुंच गया है। लेकिन जानकर हैरानी होगी कि यह आंकड़ा पूरे शहर का नहीं, सिर्फ तीन स्थानों पर हुई बारिश का है। दरअसल, जयपुर में जेएलएन मार्ग स्थित जल संसाधन विभाग, सांगानेर एयरपोर्ट स्थित मौसम केन्द्र और कलक्ट्रेट पर बारिश मापने के यंत्र लगे हुए हैं। ऐसे में तीनों जगहों पर ही बारिश दर्ज की जाती है। अगर तीनों जगहों पर बारिश नहीं हो तो पूरा शहर सूखा माना जाता है।
दरअसल, दो दशकों में जयपुर का विस्तार तो तेजी से हुआ है लेकिन बारिश मापने की व्यवस्था दशकों पुरानी ही चल रही है। शहर के अजमेर रोड, सीकर रोड, आगरा रोड, दिल्ली रोड तक शहर का विस्तार हो चुका है लेकिन शहर में बारिश मापने के यंत्र स्थापित नहीं किए गए हैं।
इस मानसून सीजन की बात करें तो इस बार शहर में अलग-अलग हिस्सों में जमकर बारिश हुई है। शहर के अजमेर रोड, आगरा रोड, परकोटा क्षेत्र में मेघ खूब मेहरबान रहे लेकिन यहां बारिश रेकॉर्ड नहीं की गई।
जल संसाधन विभाग की ओर से दो दर्जन वर्षा मापी यंत्र राज्यभर में लगाए जा रहे हैं। कई जिलों में जिला प्रशासन की ओर से विभाग के पास मांग आ रही हैं लेकिन जयपुर जिला प्रशासन की ओर से यंत्रों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है।
एक अगस्त के बाद सक्रिय हुए मानसून के दौरान अजमेर रोड, भांकरोटा, वैशाली नगर, पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में भारी बारिश हुई। इससे यहां की कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। आने-जाने के रास्ते बंद हो गए लेकिन मुख्य शहर में बारिश कम होने से दर्ज नहीं हो पाई।
पिछले ही दिनों शहर के एक हिस्से में भारी बारिश हुई। एसएमएस अस्पताल सहित सी स्कीम, एमआइ रोड, बनीपार्क, कलक्ट्रेट, विद्याधर नगर इलाके में जमकर बारिश हुई लेकिन राजस्थान यूनिवर्सिटी से आगे मालवीय नगर में कम बारिश हुई। कलक्ट्रेट में तीन इंच बारिश रेकॉर्ड हुई। जबकि जलसंसाधन विभाग ने 21 मिलीमीटर बारिश दर्ज की।
हमने कई जिलों में वर्षा मापी यंत्र लगाए हैं। जिला प्रशासन की ओर से मांग आती है तो लगा दिए जाते हैं। जयपुर से कोई मांग अभी तक नहीं आई हैं। -संजय सिंह, असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर, जल संसाधन विभाग
जयपुर में तीन ही जगह बारिश दर्ज की जा रही है। जल संसाधन विभाग और मौसम केन्द्र से समन्वय स्थापित कर शहर के अन्य इलाकों में भी वर्षा मापी यंत्र लगवाने की कार्यवाही करेंगे। -प्रकाश राजपुरोहित, जिला कलक्टर जयपुर