
Jaipur Ring Road : राजस्थान की राजधानी जयपुर के बाहर प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड को वर्तमान में बनी हुई दक्षिणी रिंग रोड से नहीं जोड़ा जाएगा। उत्तरी रिंग रोड करीब 101 किलोमीटर की होगी और फाइनल अलाइनमेंट बनाए जाने के बाद इसे केन्द्रीय केबिनेट कमेटी के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। सूत्रों के अनुसार उत्तरी रिंग रोड को यदि दक्षिणी रिंग रोड से जोड़ा जाता है तो मुआवजा की राशि इतनी अधिक हो जाएगी कि प्रोजेक्ट की वायबिलिटी नहीं बैठेगी।
जयपुर में बनी हुई दक्षिणी रिंग रोड अजमेर रोड पर भांकरोटा से शुरू होकर आगरा रोड पर बगराना तक बनी हुई है। पहले दोनों ही जगह से उत्तरी रिंग रोड को जोड़ा जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब अजमेर रोड पर बगरू के आगे से उत्तरी रिंग रोड शुरू होगी। यह सीकर रोड पर चौमूं के पास, दिल्ली बाइपास पर दौलतपुरा-चंदवाजी के बीच होती हुई अचरोल के पास से गुजतरे हुए जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगी।
उत्तरी रिंग रोड 6-लेन की प्रस्तावित है। अभी इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 3,000 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें इसमें 150 से अधिक गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। ये गांव चौमूं, आमेर, जमवारामगढ़, बस्सी, कालवाड़, जोबनेर और सांगानेर सहित 10 तहसीलों के हैं।
वहीं जयपुर में नगर निगम की सतर्कता शाखा ने सोमवार को अस्थायी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। सांगानेर में सतर्कता शाखा ने बड़ी कार्रवाई की। चौरड़िया पेट्रोल पम्प, रीको पुलिया के आस-पास और मालपुरा गेट पर कार्रवाई की। इस दौरान चार कैंटर सामान जब्त किया।
दरअसल, सांगानेर में एलिवेटेड रोड का काम शुरू हो चुका है। आने वाले कुछ दिनों में काम तेजी से होगा। ऐसे में आवाजाही प्रभावित होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सड़क सीमा को अस्थायी अतिक्रमण हटाया जा रहा है। सतर्कता शाखा उपायुक्त अजय शर्मा ने बताया कि टीम ने समझाइश भी की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति फिर से सड़क सीमा में अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। यह कदम यातायात सुचारू रखने और निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है।