22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में IOCL की पाइपलाइन से 4.48 करोड़ का क्रूड ऑयल चोरी, जमीन के नीचे सुरंग बनाकर 36 टैंकर किए पार; मास्टरमाइंड अरेस्ट

राजस्थान एसओजी ने अजमेर के ब्यावर में IOCL की पाइपलाइन से 8 लाख लीटर क्रूड ऑयल चोरी के मामले में गुजरात निवासी जयेश भाई उर्फ मोदी उर्फ राजू को गिरफ्तार किया है। चोरी हुए तेल की कीमत 4.48 करोड़ रुपए है। मामले में अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Arvind Rao

•

Updated: 7 Sep 2026, 5:51 PM IST

crude oil stolen iocl pipeline rajasthan mastermind arrested

जयेश भाई उर्फ मोदी गिरफ्तार (पत्रिका फोटो)

जयपुर: राजस्थान एसओजी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी IOCL की भूमिगत पाइपलाइन से क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। एसओजी ने इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, गुजरात निवासी जयेश भाई उर्फ मोदी उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह ने पाइपलाइन से करीब आठ लाख लीटर (लगभग 36 टैंकर) अति ज्वलनशील क्रूड ऑयल चोरी किया था, जिसकी अनुमानित कीमत 4.48 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

बता दें कि मामले में एसओजी अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी जयेश भाई को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों और नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

मार्च-अप्रैल 2025 का है मामला

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल के मुताबिक, यह मामला अप्रैल 2025 में सामने आया था। ब्यावर जिले के ग्राम नासून में चरागाह भूमि के नीचे से गुजर रही IOCL की 'सलाया-मथुरा पाइपलाइन' (SMPL-24) में तेल चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। IOCL ब्यावर के सहायक प्रबंधक संजय कुमार सेन की रिपोर्ट पर एसओजी थाना जयपुर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

तकनीक साक्ष्यों से खुला राज

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी भुवन भूषण यादव और एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। एसओजी की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर एफएसएल, साइबर एक्सपर्ट्स, फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए।

जांच के दौरान एसओजी की तकनीकी शाखा ने क्षेत्र के बीटीएस डेटा और दूरसंचार कंपनियों से कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकालकर उनका विश्लेषण किया। इसी तकनीकी पड़ताल के आधार पर संदिग्धों की पहचान हुई और पुलिस उन तक पहुंचने में कामयाब रही।

ऐसे दिया था चोरी को अंजाम

जांच में खुलासा हुआ कि शातिर चोरों ने भूमिगत पाइपलाइन में छेद करके अवैध वाल्व फिट कर दिया था। इसके बाद लोहे और हाइड्रोलिक प्लास्टिक पाइप व फ्लेंज जोड़कर करोड़ों रुपए का क्रूड ऑयल चुराकर टैंकरों में भर लिया गया। एसओजी फिलहाल रिमांड पर लिए गए आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य वांछित व संदिग्ध सदस्यों की तलाश जारी है।