जयपुर

Jaipur News : जयपुर में सीवरेज टैंक में जहरीली गैस से 2 सफाईकर्मियों की मौत, देर रात हुआ समझौता, हड़ताल पर नहीं जाएंगे

Jaipur News : जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में सीवर लाइन में काम कर रहे दो ठेका कर्मचारियों रामबाबू व अजय की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई। देर रात समझौता होने के बाद प्रशासन ने राहत कह सांस ली। सफाई कर्मियों ने वादा किया कि हड़ताल पर नहीं जाएंगे। मुआवजा और संविदा पर नौकरी देने का वादा किया गया है।

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मृतक रामबाबू व अजय और उनके परिजन। फोटो पत्रिका

Jaipur News : जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में सीवर लाइन में उतरकर काम कर रहे दो ठेका कर्मचारियों की जहरीली गैस से दम घुटने से मौत ने एक बार फिर व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर कर दी है। निवारू रोड स्थित शेखावत मार्ग पर हुई इस घटना में शास्त्री नगर निवासी अजय (41 वर्ष) और बनीपार्क निवासी रामबाबू (40 वर्ष) की जान चली गई। सुप्रीम कोर्ट की ओर से बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतरने पर रोक के बावजूद नगर निगम की अनदेखी ने इस हादसे को जन्म दिया। पर यह सवाल फिर उठा कि मौतों के जिम्मेदारों पर आखिर कब होगी कार्रवाई?

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों के साथी कर्मचारी भी भाग गए। निगम और ठेके पर काम करने वाले अन्य लोगों ने दोनों को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को कांवटिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

हादसे के बाद दोनों के परिजन धरने पर बैठ गए और मुआवजे की मांग की। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि कांवटिया अस्पताल में सफाई कर्मचारी यूनियन और निगम प्रशासन के बीच देर रात समझौता हुआ।

आवाज नहीं आई तो दूसरा भी उतरा

दोपहर करीब तीन बजे अजय सीवर लाइन में उतर गया। इसके बाद ऊपर से रामबाबू ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में रामबाबू भी सीवर लाइन में उतर गया। सीवर लाइन में मीथेन गैस से दोनों का दम घुट गया।

मुआवजा और संविदा पर नौकरी

बैठक में प्रति मृतक 5 लाख रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष से, 10 लाख रुपए नगर निगम और 10 लाख रुपए ठेकेदार की ओर से देने पर सहमति बनी जबकि 30 लाख सामाजिक न्याय विभाग से देने का प्रावधान है। ₹5,00,000 परिजनों को दे दिए गए हैं। डेयरी बूथ और संविदा नौकरी भी दी जाएगी। शनिवार को कर्मचारी नियमित काम करेंगे।

ये लोग हैं जिम्मेदार

सोनू चौधरी, एक्सईएन, झोटवाड़ा जोन : काम मानकों के अनुरूप हो, इसकी जिम्मेदारी जोन के एक्सईएन की है।
अरविंद शेखावत, शेखावत कंस्ट्रक्शन : सीवर सफाई का ठेका इनके पास है, लेकिन पैसा बचाने के चक्कर में पर्याप्त साधन ही नहीं दिए।

क्या कहती है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन

1- सीवर और सेप्टिक टैंक में मानव प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध।
2- सफाई कार्य मशीनों के जरिए ही किया जाए।
3- आपात स्थिति में ही एंट्री, वह भी पूरी सुरक्षा किट के साथ।
4- बिना पीपीई, गैस डिटेक्टर और ऑक्सीजन सपोर्ट के उतरना अवैध।
5- हादसे में मौत पर मुआवजे का प्रावधान।

घटना निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी

इस घटना निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए कमेटी बनाएंगे और जिस स्तर पर भी लापरवाही सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ओम कसेरा, आयुक्त, नगर निगम

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Published on:
18 Apr 2026 08:10 am
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