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Rajasthan Cheap Electricity : राजस्थान में RERC का नया नियम लागू, डीएफ-डीएसएम से उपभोक्ताओं को मिलेगी सस्ती बिजली

Rajasthan Cheap Electricity : राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने प्रदेश में डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी (डीएफ) और डिमांड साइड मैनेजमेंट (डीएसएम) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। इसके तहत उपभोक्ता अपनी खपत समय के अनुसार बदल सकेंगे। इस नियम से उपभोक्ताओं को मोबाइल पर पहले से जानकारी मिलेगी कि कब बिजली सस्ती या महंगी है। जानें उपभोक्ताओं को और क्या है फायदे?

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Rajasthan Cheap Electricity RERC New rule implemented Consumers will get cheap electricity from DF-DSM

फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Cheap Electricity : राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली उपयोग को अधिक स्मार्ट और किफायती बनाने के लिए डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी (डीएफ) और डिमांड साइड मैनेजमेंट (डीएसएम) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। इसके तहत उपभोक्ता अपनी खपत समय के अनुसार बदल सकेंगे, जिससे पीक आवर्स का दबाव घटेगा और लागत कम होगी। अब दिन के अलग-अलग समय पर बिजली दरें तय होंगी। उपभोक्ताओं को मोबाइल पर पहले से जानकारी मिलेगी कि कब बिजली सस्ती या महंगी है, ताकि वे मोटर, मशीन या चार्जिंग जैसे काम सस्ते समय में कर सकें। यह व्यवस्था पूरी तरह स्वैच्छिक है, यानी चाहें तो इससे जुड़ सकेंगे।

आयोग ने दावा किया है कि इन प्रावधानों से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। आयोग ने इसका मैकेनिज्म तैयार करने के लिए बिजली कंपनियों को एक साल का समय दिया है। जागरूकता अभियान चलाना, टैरिफ प्रस्ताव में इन योजनाओं को शामिल करना होगा। इस दौरान पेनल्टी नहीं लगेगी।

निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति पर डिस्कॉम को प्रति मेगावाट 20 लाख रुपए का प्रोत्साहन मिलेगा जबकि लक्ष्य में कमी रहने पर प्रति मेगावाट 20 लाख रुपए की पेनल्टी देनी होगी

सिस्टम और उपभोक्ता को क्या फायदे हैं

1- सिस्टम को फायदा…
पीक टाइम में लोड कम होगा।
महंगी बिजली खरीदने की जरूरत कम होगी।
बिजली बिल कम हो सकता है।
सोलर जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का ज्यादा उपयोग होगा।

2- उपभोक्ताओं को फायदा
बिजली बिल में छूट या इंसेंटिव मिलेगा।
इसे अपनाना पूरी तरह आपकी मर्जी होगी।
आपका डेटा सुरक्षित रहेगा।
तकनीक पर रहेगा जोर- स्मार्ट मीटर, आइओटी आधारित सिस्टम, ईवी चार्जिंग, बैटरी स्टोरेज।

लक्ष्य और प्रावधान

राज्य में कुल बिजली खपत का एक निश्चित प्रतिशत हर वर्ष निर्धारित किया गया है, जिसे डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी और डीएसएम के माध्यम से प्रबंधित कर उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाना होगा।
2026-27: 0.25 प्रतिशत (तैयारी वर्ष)
2027-28: 1 प्रतिशत
2028-29: 1.5 प्रतिशत
2029-30: 2 प्रतिशत।

परकोटा- रात में एक घंटे बिजली गुल, लोग हुए परेशान

वहीं दूसरी तरफ जयपुर शहर में गर्मी की शुरूआत पूरी तरह से नहीं हुई है लेकिन शहर का बिजली तंत्र पहले ही गर्मी खाने लगा है। शुक्रवार रात 11 बजे बाद परकोटा में गंगापोल, रावलजी का बाजार,चौंमू हवेली, बांदरी का नासिक, रानुज मार्ग,जोरावर सिंह गेट, ब्रह्मपुरी व आमेर रोड समेत कई बडे इलाकों में एक घंटे तक बिजली गुल रही। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले हजारों लोग गर्मी से परेशान होते रहे। उधर डिस्काॅम इंजीनियरों ने उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठाए या कॉल डायर्वट मोड पर कर दिए गए।