17 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CBG Plant : राजस्थान में रसोई गैस संकट का मिला शानदार हल, शादी वाले घरों को मिली बड़ी राहत

CBG Plant : राजस्थान में रसोई गैस संकट का शानदार हल मिला। अब गोबर से सस्ती और स्वच्छ रसोई गैस बनेगी। राजस्थान में सीबीजी प्लांट लगाने का बड़ा अभियान शुरू हुआ। वहीं जयपुर में शादी वाले घरों को राहत मिली। व्यावसायिक सिलेंडरों का 70 फीसदी कोटा लागू हो गया है।

2 min read
Google source verification
CBG Plant Rajasthan finds a brilliant solution to LPG crisis wedding homes Big relief

पत्रिका फोटो

CBG Plant : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति अब भी पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाई है। ऐसे में अब गोशालाओं से निकलने वाला गोबर ऊर्जा का बड़ा विकल्प बनकर उभरा है। देश के कई शहरों में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी/सीएनजी) प्लांट में गोबर से तैयार होने वाली सीबीजी से सस्ता और स्वच्छ ईंधन उपलब्ध हो रहा है। जयपुर सहित प्रदेशभर की गोशालाओं में इस दिशा में संभावनाएं तलाशने का काम तेज हो गया है।

अखिल भारतीय गोशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि पिंजरापोल गोशाला में 90-100 टन गोबर से प्रतिदिन करीब 5,000 किलो बायोगैस और रिफाइनिंग के बाद दो हजार किलो सीबीजी तैयार हो रही है। ऐसे प्लांट गोशालाओं में लगाए जाने चाहिए, जहां से गैस सिलेंडर के रूप में लोगों तक पहुंच सके।

हैनिमन चैरिटेबल मिशन सोसायटी की सचिव मोनिका गुप्ता ने कहा कि खेतों को ही प्रयोगशाला मानकर वैज्ञानिक और गो-सेवक मिलकर तकनीक विकसित करें। इससे गोबर का बेहतर उपयोग होगा और जैविक खाद से भूमि की उर्वरता बढ़ेगी। विशेषज्ञों ने सीबीजी प्लांट के लिए सरकारी अनुदान, जनप्रतिनिधियों के फंड और स्थानीय निकायों के सहयोग पर जोर दिया है।

शादी वाले घरों को राहत, व्यावसायिक सिलेंडरों का 70 फीसदी कोटा लागू

वहीं दूसरी तरफ आखातीज के अबूझ सावे के कारण 19 अप्रैल को शहर में शादियों की भरमार है, लेकिन इससे ठीक पहले व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता ने मैरिज गार्डन संचालकों और शादी वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। तय 70 फीसदी कोटे के बावजूद सिलेंडर समय पर नहीं मिलने की शिकायतों के बीच मेहमाननवाजी और मेन्यू पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस पर गैस कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक व कार्यकारी निदेशक मनोज गुप्ता ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशानुसार मैरिज गार्डन के लिए व्यावसायिक सिलेंडरों का 70 फीसदी कोटा लागू कर दिया गया है। संचालक संबंधित गैस एजेंसी में आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि पिछले महीनों में हुए उपभोग के आधार पर 70 फीसदी तक सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि शादी-समारोहों में कोई बाधा न आए। यदि किसी संचालक को सिलेंडर प्राप्त करने में समस्या होती है, तो वह जिला रसद अधिकारी या राज्य स्तरीय समन्वयक कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है।

मेन्यू में कटौती करने का फैसला

विशेषज्ञों के अनुसार, 19 किलो का एक व्यावसायिक सिलेंडर लगभग 280 लोगों के लिए पांच से छह व्यंजनों का भोजन तैयार करने में सक्षम है। गैस की अधिक खपत वाले व्यंजन कम रखने पर यह संख्या 300 से अधिक तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद, कुछ परिवारों ने एहतियातन मेन्यू में कटौती करने का फैसला किया है।