
करौली जिले में नादौती की उपखंड अधिकारी काजल मीणा। फोटो पत्रिका
SDM Kajal Meena : करौली जिले में नादौती की उपखंड अधिकारी (SDM) काजल मीणा को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके बाद तो हंगामा मच गया है। हर जुबां पर एक ही सवाल है कि नादौती एसडीएम काजल मीणा कौन हैं?
नादौती एसडीएम काजल मीणा की बतौर उपखंड अधिकारी दूसरी पोस्टिंग है। दूसरी पोस्टिंग में ही रिश्वत का खेल शुरू हो गया है। काजल मीणा ने प्रतापगढ़ जिला के सुहागपुरा से तबादला होने के बाद 30 अक्टूबर 2025 को नादौती में कार्यभार संभाला था।
सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर उपखंड के बडौली गांव निवासी कालज मीणा गृह नगर के निकट पदस्थापित होने से शुरू से ही चर्चा में रहीं। साथ ही नादौती क्षेत्र में कई रिश्तेदारी होने से उन्होंने रिश्वत का खेल शुरू कर दिया। वे अभी अविवाहित है। तथा पिता डा. कमरसिंह मीणा वजीरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी है। काजल मीणा 2024 बैच की राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारी हैं। वे IIT मंडी की पूर्व छात्रा हैं।
मामला कुछ इस तरह है कि करौली जिले के नादौती उपखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश सैनी और वरिष्ठ लिपिक प्रवीण धाकड़ को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तीनों को जमीन के तकासमा के फैसले के एवज में 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया। एसीबी की टीम ने छापेमारी के दौरान दिनभर का अवैध कलेक्शन भी बरामद किया, जिसकी राशि करीब चार लाख रुपए बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि आज 17 अप्रैल उन्हें कोर्ट में पेश किया जाना है, जहां रिमांड की मांग की जाएगी। अभी तक सस्पेंशन या विभागीय कार्रवाई का आधिकारिक आदेश सार्वजनिक नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि करौली जिले में इससे पहले भी एसीबी ने बारां जिले की अंता नगरपालिका के सहायक अभियंता महेंद्र सिंह जाटव को 3.70 लाख रुपए की रिश्वत राशि के साथ हिंडौन सिटी रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि वह विभिन्न कार्यों के बदले यह राशि एकत्र कर अपने घर ले जा रहा था।
Updated on:
17 Apr 2026, 10:17 AM IST
Published on:
17 Apr 2026, 10:17 AM IST
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