जयपुर में गुरुवार को जिला कलक्टर के नेतृत्व में 83 अन्नपूर्णा रसोइयों का औचक निरीक्षण हुआ। भोजन गुणवत्ता, स्वच्छता और सुविधाओं पर सख्ती बरती गई। दो रसोइयों में गंभीर खामियां मिलने पर 11-11 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
Jaipur Annapurna Kitchen: जयपुर शहर में संचालित अन्नपूर्णा रसोइयों की व्यवस्था को लेकर गुरुवार को प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया। जिला कलक्टर संदेश नायक सहित 83 अधिकारियों की टीम ने शहरभर की 83 रसोइयों पर एक साथ निरीक्षण किया।
इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुविधाओं को लेकर सख्ती दिखाई गई। कलक्टर ने राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर स्थित रसोई का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को परखा और मौके पर जरूरी निर्देश दिए।
अतिरिक्त जिला कलक्टरों, नगर निगम अधिकारियों और अन्य प्रशासनिक अफसरों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में रसोइयों की जांच की। मानसरोवर, सांगानेर, मालवीय नगर, लालकोठी, टोंक रोड, सीकर रोड सहित कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने 27 बिंदुओं पर व्यवस्था जांची। इसमें भोजन का मेन्यू, चपातियों का वजन और गुणवत्ता, खाना गर्म परोसना, कर्मचारियों की ड्रेस, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, बर्तन धोने की व्यवस्था और रजिस्टर में सही एंट्री जैसे पहलुओं को परखा गया।
जिला प्रशासन ने अन्नपूर्णा रसोई योजना के तहत संचालित दो रसोइयों में गंभीर कमियां पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण में साफ-सफाई का अभाव, भोजन की गुणवत्ता मेन्यू के अनुरूप न होना, पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होना तथा आवश्यक सूचना बोर्डों का अभाव सामने आया।
इसके अलावा निरीक्षण रजिस्टर, ऑफलाइन प्रमाणित रजिस्टर, हाथ धोने के साबुन, रसोई संख्या और भोजन विवरण वाले बोर्ड, झूठन के लिए डस्टबिन और बर्तनों की संतोषजनक सफाई भी नहीं मिली। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए बोर्ड भी अनुपस्थित थे।
ये कमियां रसोई संख्या 515 (टचस्टोन फाउंडेशन, वीटी रोड मानसरोवर) और रसोई संख्या 1354 (सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान) में पाई गईं। जिला कलक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम को दोनों रसोइयों पर 11-11 हजार का जुर्माने के निर्देश दिए।