
Bisalpur Dam Water Project: जयपुर शहर में पेयजल की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार बीसलपुर बांध से नई पाइपलाइन बिछाने जा रही है। सूरजपुरा से 17 साल पुरानी बालावाला तक 106 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन में बढ़ते दबाव के कारण लीकेज की आशंका बनी रहती है, जिसके चलते कई इलाके जल संकट से जूझ रहे हैं।
अब बजट घोषणा के मुताबिक सरकार ने अगले 30 वर्ष तक शहर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सूरजपुरा से बालावाला तक नई पाइपलाइन बिछाने के लिए डीपीआर तैयार कर ली है। लाइन बिछाने पर 2,228 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग के अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर को उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के बाद 2028 में नई लाइन बिछाने का काम शुरू हो जाएगा और 18 माह में इसके पूरा होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार, नई पाइपलाइन 2,100 एमएम की होगी, जो अभी 2,300 एमएम की है। लेकिन डीपीआर में अधिकारियों का तर्क है कि आगामी 30 साल में शहर की आबादी का पीक आएगा और आबादी तेजी से नहीं बढ़ेगी। वहीं, पुरानी पाइपलाइन से भी शहर के लिए सप्लाई जारी रहेगी।
मौजूदा लाइन शहर की जरूरतों के हिसाब से पानी का दबाव नहीं झेल पा रही है। ऐसे में शहर में जल संकट के हालात बने हुए हैं। शहर का करीब 45 फीसदी हिस्सा लो-प्रेशर सप्लाई से जूझ रहा है। लोग अपनी पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी और निजी टैंकर मंगा रहे हैं। पृथ्वीराज नगर फेज द्वितीय के तहत झोटवाड़ा, कालवाड़ा रोड और निवारू रोड के लोगों ने जल कनेक्शन लिए। लेकिन इन इलाकों में तीन दिन में एक बार पानी की सप्लाई हो रही है।
"सूरजपुरा से बालावाला तक नई पाइपलाइन की डीपीआर तैयार करके उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। वित्तीय, प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। 2028 से नई लाइन बिछाने का काम शुरू होगा।"
-अजय सिंह राठौड़, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर