जयपुर

ईरान युद्ध का असर : जयपुर से मिडिल ईस्ट की उड़ानें कैंसिल, टिकटों की कीमतों में भारी उछाल

Iran-Israel Conflict: ईरान-इजराइल युद्ध के कारण जयपुर से दुबई और मस्कट की सीधी उड़ानें रद्द हुई हैं। टिकटों के दाम ₹50,000 से बढ़कर ₹1.5 लाख हुए। शेखावाटी के हजारों प्रवासियों की बढ़ी मुश्किलें।
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Apr 04, 2026
jaipur airport
Photo- Dinesh Dabi

Jaipur Airport: ईरान और इजराइल के बीच गहराते युद्ध के बादलों ने राजस्थान के हवाई संपर्कों को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जयपुर से दुबई और मस्कट जैसे बड़े शहरों के लिए उड़ानें रद्द होने से शेखावाटी के हजारों प्रवासियों के सामने घर लौटने और काम पर जाने का संकट खड़ा हो गया है। युद्ध के चलते बदले गए रूटों की वजह से हवाई किराए में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। जो टिकट कभी 50 हजार रुपए का था, वह अब डेढ़ लाख के पार पहुंच चुका है।

ईरान के ऊपर से हवाई रास्ता बंद होने और सुरक्षा कारणों की वजह से जयपुर से खाड़ी देशों की उड़ानों में भारी कमी आई है। इसका सबसे ज्यादा असर दुबई और अबू धाबी जाने वाले यात्रियों पर पड़ा है। जहां पहले जयपुर से रोजाना दो उड़ानें थीं, अब केवल शाम की एक फ्लाइट ही उड़ान भर पा रही है। दुबई की दोनों रेगुलर उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं और मस्कट की फ्लाइट भी अब हफ्ते में सिर्फ दो दिन ही चल रही है।

मुसीबत में फंसे प्रवासी

इस स्थिति ने शेखावाटी (सीकर, चूरू और झुंझुनूं) के उन हजारों प्रवासियों को मुसीबत में डाल दिया है, जो ईद या छुट्टियों पर घर आने वाले थे। अब उनकी घर वापसी और काम पर लौटने की योजना पूरी तरह अधर में लटक गई है।

ईंधन की खपत से बढ़ा किराया

युद्ध के कारण विमानों को अब लंबे रूट से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है। इसका बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। इटली और खाड़ी देशों से भारत आने वाली उड़ानों की टिकट जो पहले 50,000 रुपए के आसपास थी, अब 1.5 लाख तक पहुंच गई है। एक सामान्य मजदूर या कामगार के लिए तीन गुना किराया देने में मुश्किल हो रही है।

खाड़ी देश से लौटे युवक ने क्या कहा?

खाड़ी देशों में फंसे शेखावाटी के प्रवासियों का दर्द अब सामने आने लगा है। सीकर के हसन खान की आपबीती इसकी एक बड़ी मिसाल है। हसन ने बताया कि उनकी शारजाह से जयपुर की फ्लाइट बिना किसी जानकारी के अचानक रद्द कर दी गई। घर पहुंचने की जल्दी में उन्हें दुबई से टैक्सी लेकर मस्कट जाना पड़ा और वहां से दूसरी फ्लाइट पकड़कर जैसे-तैसे जयपुर पहुंचे।

नौकरी बचाने की भी समस्या

हसन कहते हैं, 'इस भागदौड़ में पैसा तो पानी की तरह बहा ही, दिमागी तौर पर भी बहुत परेशान होना पड़ा।' हसन जैसे हजारों प्रवासियों को अब यह डर सता रहा है कि यदि युद्ध के हालात और बिगड़े, तो घर लौटना तो दूर, वहां अपनी नौकरी बचाना भी मुश्किल हो जाएगा।

व्यापार और पर्यटन पर भी संकट

जयपुर एयरपोर्ट से होने वाला 'कार्गो व्यापार' भी प्रभावित हुआ है। कीमती पत्थर, रत्न और हस्तशिल्प का निर्यात करने वाले व्यापारियों के ऑर्डर फंसे हुए हैं। पर्यटन सीजन के अंत में विदेशी सैलानियों की आवाजाही में भी गिरावट दर्ज की गई है।

Updated on:
04 Apr 2026 04:29 pm
Published on:
04 Apr 2026 03:44 pm