चांदपोल सब्जी मंदिर स्थित दरगाह के विवादास्पद निर्माण पर नगर निगम सख्ती पर उतर आया है। प्रशासन ने तकनीकी स्वीकृति, नियम पालन और न्यायालयीन आदेशों की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है।
जयपुर। चांदपोल सब्जी मंदिर स्थित दरगाह के विवादास्पद निर्माण पर नगर निगम सख्ती पर उतर आया है। निगम प्रशासन ने तकनीकी स्वीकृति, नियम पालन और न्यायालयीन आदेशों की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। साथ ही संवेदक को नोटिस जारी कर अग्रिम आदेश तक काम बंद करने और अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा की अध्यक्षता वाली इस समिति में अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रवण कुमार वर्मा सदस्य, अधीक्षण अभियंता दिनेश चंद गुप्ता सदस्य-सचिव, उप नगर नियोजक राजेश शर्मा और अधिशासी अभियंता पंकज मीणा सदस्य हैं। समिति हेरिटेज सिटी क्षेत्र के नॉर्म्स, परकोटा क्षेत्र में न्यायालयीन आदेशों तथा विधायक कोष नियमों की जांच करेगी। साथ ही निर्माण में स्वीकृत प्रक्रियाओं और तकनीकी मानकों का पालन हुआ या नहीं, यह भी देखा जाएगा। पांच कार्यदिवसों में रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
अवैध निर्माण पर नोटिस: अधिशासी अभियंता हेमाराम ढाका ने संवेदक को नोटिस देकर परकोटे की दीवार से पांच मीटर दूरी न छोड़ने पर फटकार लगाई। आदेश में कहा गया कि शटरिंग का काम नियम-विरुद्ध तरीके से कर दिया गया, जो अवैध है। इसे तुरंत हटाने और काम बंद रखने के निर्देश हैं।
विधायकों में तकरार तेज: विवाद के बाद कांग्रेस विधायक अमीन कागजी और भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
बालमुकुंदाचार्य ने कहा, "जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मेरे पीछे गुंडे लगा दिए। रात को धमकी मिली। मुझे भले मार दें, लेकिन हमारे पीछे लाखों लोग मेरी आवाज बनेंगे।"
वहीं, अमीन कागजी ने पलटवार किया, "मैं उस नाम को जुबां पर नहीं लाना चाहता। धमकी दी है तो प्राथमिकी दर्ज कराएं। उनसे लोगों को खतरा है। वे छह पुलिसकर्मियों को लेकर धमकाते हैं। इस मामले में मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा।"