
शादाब अहमद / जयपुर। प्रदेश में सरकारी नौकरी में करीब एक लाख भर्ती करने की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने शनिवार को राजस्थाान अधिनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रिटायर्ड आईएएस डा. बीएल जाटावत को नियुक्त कर दिया है। उन्होंने अपना पद ग्रहण करने के बाद ‘पत्रिका’ से विशेष बातचीत की। इसमें उन्होंने माना कि चुनावी वर्ष होने के चलते भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भर्ती परीक्षाओं को समय पर पूरी करने के साथ उनमें ऐसी कोई विसंगति या कमी नहीं रखी जाएगी, जिसके आधार पर अभ्यर्थी कोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दे सकें। जाटावत से बातचीत के कुछ अंश--
सवाल : चुनावी वर्ष में आपकी नियुक्ति हुई है। इस समय काफी भर्तियां अटकी हुई है। करीब एक लाख भर्ती की सरकार घोषणा कर चुकी है। इसमें आपके बोर्ड की भूमिका भी अहम है। इस चुनौती को किस तरह से आप देखते हैं?
जाटावत : यह सही है कि काफी भर्तियां अटकी हुई है। विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर उनसे रिक्त पदों की सूची समय पर प्राप्त करने का हमारा प्रयास रहेगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया समय पर हो सकें। हमारे सिस्टम में भी तकनीक का बेहतर उपयोग कर फर्जीवाड़े को रोकें और जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी कर युवाओं को रोजगार दे सकें।
सवाल : आजकल भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का अदालत में जाने का ट्रेंड बन गया है। इस चुनौती से आप कैसे निपटेंगे?
जाटावत : भर्ती प्रक्रिया को लेकर किसी भी अदालत में जाने का वैसे तो अभ्यर्थी का अधिकार है। हां यह जरूर है कि यदि कोई भर्ती अदालत में फंस गई तो उसे प्राथमिकता से निस्तारित करवाएंगे। हालांकि हमारा प्रयास रहेगा कि भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी कोई कमी या विसंगति रहे ही नहीं, जिससे कि कोई अदालत में जा सकें।
सवाल: आरपीएससी के प्रश्न पत्रों को लेकर अभ्यर्थी सवाल खड़े करते रहे हैं। इस तरह की स्थिति से बचने के लिए यह बोर्ड क्या करेगा?
जाटावत : बोर्ड के सदस्यों के साथ बैठक कर इस तरह के मुद्दों को लेकर चर्चा करेंगे। प्रयास रहेगा कि ऐसा कोई पूर्ण व्यवस्था विकसित हो, जिसमें कोई कमी नहीं रहे।
सवाल : आजकल भर्ती परीक्षाओं में तकनीक का उपयोग कर नकल और फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। इसको कैसे रोका जाएगा।
जाटावत : यह सही है भर्ती परीक्षाओं मं नकल व अन्य तरह के फर्जीवाड़े की शिकायतें खूब आ रही है। हम युवाओं को नकल नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगे। यदि फिर भी नकल या फर्जीवाड़े के केस आते हैं तो जो भी कोई इसमें लिप्त होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। कड़ी कार्रवाई कर सबके सामने उदाहरण पेश करेंगे।