
Jaipur Development Authority: जयपुर: राजस्थान सरकार ने जयपुर विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार को लेकर एक नई संशोधित अधिसूचना जारी की है, जिसने प्रशासनिक और कानूनी हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मात्र नौ महीने के भीतर सरकार ने जेडीए के दायरे में एक बार फिर बड़ा उलटफेर किया है। इस नए आदेश के तहत जहां 41 नए राजस्व गांवों को जेडीए रीजन में शामिल किया गया है। वहीं, पिछले साल जोड़ी गई सूची से 12 गांवों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
इस फेरबदल की सबसे बड़ी बात यह है कि जेडीए का दायरा अब जयपुर की सीमाओं को लांघकर पड़ोसी जिले कोटपूतली-बहरोड़ तक पहुंच गया है। सरकार ने कोटपूतली-बहरोड़ जिले की विराट नगर तहसील के दो गांवों टांडा और लाला की वाली को जेडीए सीमा में शामिल कर लिया है।
यह पूरी कवायद इसलिए विवादों में है, क्योंकि जेडीए सीमा विस्तार का यह मामला पहले से ही राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है और कोर्ट ने इस क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। उप-न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद नगरीय विकास विभाग द्वारा संशोधित अधिसूचना जारी करने पर सवाल उठ रहे हैं।
दोहरी एंट्री सुधारी: पुरानी अधिसूचना में 9 गांव ऐसे थे, जो गलती से दो अलग-अलग तहसीलों में दर्ज हो गए थे।
दूरी बनी वजह: फागी के किशोरपुरा, जमवारामगढ़ के पालडीकला और कोटपूतली के डैरा गांव को जेडीए मुख्यालय से काफी दूर होने के कारण सूची से हटाया गया है।
ये 41 गांव जोड़े गए: शाहपुरा से सबसे ज्यादा 15 गांव शामिल किए गए हैं। इसके अलावा जोबनेर से 07, चौमूं से 04, चाकसू व फुलेरा से 03-03, विराट नगर (कोटपूतली-बहरोड़) व फागी से 02-02 और जालसू, किशनगढ़-रेनवाल, माधोराजपुरा, मौजमाबाद व तुंगा से 1-1 राजस्व ग्राम को जोड़ा गया है।
ये 12 गांव हटाए गए: चाकसू से 04, बस्सी से 03 और जोबनेर, माधोराजपुरा, फागी, जमवारामगढ़ व विराट नगर से 1-1 गांव को जेडीए सीमा से बाहर कर दिया गया है।
जेडीए रीजन में आने के बाद अब इन गांवों में भूमि उपयोग (लैंड यूज), भवन निर्माण, कॉलोनियों की स्वीकृति और विकास कार्यों के नियम पूरी तरह बदल जाएंगे।