जयपुर

जयपुर में दूधवाला निकला पेपर लीक माफिया का एजेंट, JEN भर्ती 2020 मामले में SOG ने दबोचा, 14 लाख में करता था डील

JEN Recruitment 2020: जयपुर में SOG ने JEN भर्ती 2020 पेपर लीक मामले में अभिषेक खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है। वह मानसरोवर में दूध बेचता था और 14 लाख रुपए में सॉल्वड पेपर की डील करता था।
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Aug 14, 2026
paper leak accused abhishek
आरोपी अभिषेक (Photo-Patrika)

जयपुर में JEN भर्ती 2020 पेपर लीक मामले में SOG ने 32 साल के अभिषेक खंडेलवाल को गिरफ्तार किया है। अभिषेक मानसरोवर में घर-घर दूध बेचता था, लेकिन जांच में उसके पेपर लीक गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई है। आरोप है कि वह अभ्यर्थियों से संपर्क कर 14-14 लाख रुपए में सॉल्वड पेपर की डील करता था और उन्हें पेपर पढ़ाने के लिए मकान भी उपलब्ध कराता था।

दूध बेचते-बेचते गैंग से आया संपर्क में

अभिषेक मूल रूप से दौसा जिले के सैंथल थाना क्षेत्र के जसोता मेसरा गांव का रहने वाला है। जयपुर में वह मानसरोवर के न्यू सांगानेर रोड स्थित राजीव विहार कॉलोनी में किराए पर रहता था। घर-घर दूध बेचने के दौरान उसकी मुलाकात मानसरोवर में रहने वाले भीम सिंह यादव से हुई। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हो गई। SOG के मुताबिक, इसी संपर्क के बाद अभिषेक पेपर लीक गैंग से जुड़ा और एजेंट के तौर पर काम करने लगा।

जांच के अनुसार भीम सिंह यादव ने अभिषेक को JEN भर्ती 2020 का पेपर लीक होने की जानकारी दी। इसके बाद अभिषेक ने कई अभ्यर्थियों से संपर्क किया और उन्हें 14-14 लाख रुपए में सॉल्वड पेपर पढ़ने का भरोसा दिलाया। कई अभ्यर्थी उसके संपर्क में भी आए। आरोप है कि मानसरोवर में जिस मकान में अभ्यर्थियों को सॉल्वड पेपर पढ़ाया गया था, वह मकान भी अभिषेक ने ही किराए पर लेकर उपलब्ध कराया था।

भीम सिंह और भूपेंद्र सारण ने लीक किया था पेपर

SOG के ADG के अनुसार, JEN भर्ती 2020 पेपर लीक मामले में जनवरी 2026 में केस दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि परीक्षा के दौरान अभिषेक मानसरोवर में रहता था और इसी इलाके में भीम सिंह यादव भी रहता था। भीम सिंह ने भूपेंद्र सारण के साथ मिलकर JEN भर्ती 2020 का पेपर लीक किया था। दोनों ने कई अभ्यर्थियों से लाखों रुपए लेकर उन्हें सॉल्वड पेपर पढ़ाया था।

ऐसे हुई थी दोस्ती

भीम सिंह पहले शराब ठेकों पर लोडिंग-अनलोडिंग का काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान अभिषेक के छोटे भाई से हुई, जो शराब ठेके पर सेल्स मैनेजर था। दोनों की दोस्ती बढ़ी तो भीम सिंह की अभिषेक से भी जान-पहचान हो गई। इसके बाद अभिषेक भी भीम सिंह के संपर्क में आ गया। यानी अभिषेक खुद घर-घर दूध बेचता था, जबकि उसका छोटा भाई शराब ठेके पर मैनेजर था और इसी कनेक्शन के जरिए पेपर लीक गैंग तक पहुंच बना।

SOG के मुताबिक, भीम सिंह यादव और भूपेंद्र सारण कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चुके हैं। दोनों को पेपर लीक गैंग का सरगना बताया गया है और फिलहाल जेल में हैं। जांच में अभिषेक खंडेलवाल की भूमिका सामने आने के बाद उसे JEN भर्ती 2020 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है। SOG की कार्रवाई के बाद अब अभिषेक भी इस मामले में जेल पहुंच गया है।

पेपर लीक के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

JEN भर्ती 2020 की लिखित परीक्षा सितंबर 2021 में हुई थी। पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सरकार ने भर्ती परीक्षा रद्द कर दी थी। करीब एक साल बाद नए सिरे से भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। पुरानी परीक्षा रद्द होने के बावजूद इस मामले की जांच जारी रही और SOG आरोपियों तक पहुंचती रही। अब अभिषेक की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े एक और व्यक्ति की भूमिका सामने आई है।

Updated on:
14 Aug 2026 05:47 pm
Published on:
14 Aug 2026 05:47 pm