
Jitu Munda Case Odisha: राजस्थान सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने 'ओडिशा के चर्चित जीतू मुंडा केस' को लेकर संवेदनशील पहल की है। मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए जीतू मुंडा की पीड़ा को “अमानवीय और शर्मनाक” बताया। उन्होंने लिखा कि एक गरीब आदिवासी को कागजी खानापूर्ति के नाम पर इस तरह परेशान करना किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इतना ही नहीं, मंत्री मीणा ने जीतू मुंडा और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताते हुए बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि जीतू मुंडा का दर्द मेरा दर्द है और संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है। इसी भावना के तहत उन्होंने अपनी एक महीने की सैलरी पीड़ित परिवार को देने की घोषणा की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह राशि जल्द ही परिवार तक पहुंचाई जाएगी।
गौरतलब है कि ओडिशा में जीतू मुंडा का मामला उस समय सुर्खियों में आया, जब वह अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया था। बताया जा रहा है कि बैंक द्वारा आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने के बाद मजबूरी में उसने यह कदम उठाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस घटना के बाद देशभर में सिस्टम और संवेदनशीलता को लेकर बहस छिड़ गई है। अब राजस्थान के मंत्री के इस कदम ने मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार भी जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े। फिलहाल, जीतू मुंडा केस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है और ओडिशा सरकार की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। इस मामले में फिलहाल कोई बड़ा एक्शन नहीं हो सका है। फिलहाल सरकार मामले की पूरी जांच करा रही है कि खामी कहां है? सिस्टम में गड़बड़ है या फिर बैंक कर्मचारी ने पीड़ित को परेशान करने भर के लिए ऐसी कार्रवाई की है।