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JJM Scam: टेंडरों में फर्जी सर्टिफिकेट से 960 करोड़ का घोटाला; रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल समेत 4 फरार, 9 गिरफ्तार

JJM Scam Rajasthan: राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े 960 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार सुबह 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल समेत चार आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

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Feb 17, 2026
जल जीवन मिशन में 960 करोड़ का घोटाला, पत्रिका फोटो

JJM Scam Rajasthan: राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े 960 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार सुबह 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल समेत चार आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) ने 65 दिन तक तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, दिल्ली में एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता और वित्तीय सलाहकार स्तर के अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।

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960 करोड़ के टेंडरों में फर्जीवाड़ा

जांच में सामने आया कि मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी (प्रोपराइटर महेश मित्तल) और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी (प्रोपराइटर पदमचंद जैन) ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलीभगत की। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 960 करोड़ रुपए के विभिन्न टेंडर हासिल किए गए।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि 50 करोड़ रुपए से अधिक के मेजर प्रोजेक्ट्स में साइट विजिट प्रमाणपत्र की बाध्यता को नियमों के विरुद्ध शामिल कर बोलीदाताओं की पहचान उजागर की गई, जिससे टेंडर पूलिंग और अप्रत्याशित ऊंचे प्रीमियम को मंजूरी मिली। इससे हजारों करोड़ रुपए के व्यापक भ्रष्टाचार के संकेत मिले हैं। अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है।

पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

एसीबी इससे पहले जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार को लेकर ट्रैप कार्रवाई कर प्रकरण संख्या 215/2023 दर्ज कर चुकी है, जिसमें 11 आरोपियों और दो फर्मों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था। वर्तमान कार्रवाई प्रकरण संख्या 145/2024 और 245/2024 से जुड़ी है।

जांच में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका

एसआइटी का गठन पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में किया गया था। जांच कार्य महानिरीक्षक राजेश सिंह और उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के निकट पर्यवेक्षण में किया गया। अनुसंधान अधिकारी एएसपी महावीर शर्मा कर रहे हैं।

कौन कहां से गिरफ्तार

  • जयपुर हथरोई किला निवासी दिनेश गोयल मुख्य अभियंता (प्रशासन) जयपुर, उदयपुर की ताज होटल से गिरफ्तार।
  • दुर्गापुरा स्थित केशव विहार निवासी केडी गुप्ता मुख्य अभियंता (ग्रामीण), घर से गिरफ्तार।
  • गोपालपुरा बायपास स्थित पर्ल ग्रीन निवासी सुभांशु दीक्षित तत्कालीन सचिव आरडब्ल्यूएसएसएमसी, वर्तमान अतिरिक्त मुख्य अभियंता (जयपुर क्षेत्र-द्वितीय), घर से गिरफ्तार।
  • कालवाड़ रोड स्थित करधनी योजना निवासी सुशील शर्मा वित्तीय सलाहकार (अक्षय ऊर्जा), घर से गिरफ्तार।
  • सोडाला स्थित गोविंदपुरी निवासी निरिल कुमार मुख्य अभियंता, चूरू, घर से गिरफ्तार।
  • बापू नगर स्थित पीयूष पथ निवासी विशाल सक्सेना अधिशाषी अभियन्ता हाल निलम्बित बाड़मेर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
  • दिल्ली निवासी अरुण श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता हाल सेवानिवृत, घर से गिरफ्तार
  • खौह नागोरियान स्थित आशियाना वृंदावन निवासी दिलीप कुमार गौड़ तत्कालीन मुख्य अभियन्ता व तकनीकी सदस्य हाल सेवानिवृत, घर से गिरफ्तार
  • दुर्गापुरा स्थित महारानी फार्म निवासी महेन्द्र प्रकाश सोनी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता हाल सेवानिवृत्त, घर से गिरफ्तारचार आरोपी अब भी फरार

ये आरोपी फरार

एसीबी के अनुसार, सेवानिवृत्त IAS सुबोध अग्रवाल, अधीक्षण अभियन्ता जितेन्द्र शर्मा, तत्कालीन एससी मुकेश गोयल व निजी व्यक्ति मुकेश पाठक फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

चार की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने लगा रखी रोक

एसीबी सूत्रों के मुताबिक, मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट ने रोक लगा रखी है। आरोपियों में अतिरिक्त मुख्य अभियंता रमेश मीणा, रामकरण मीणा, ठेकेदार महेश मित्तल व पदम चंद जैन हैं।

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Updated on:
17 Feb 2026 11:12 pm
Published on:
17 Feb 2026 11:10 pm
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