फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है तो फिर ऐसे लोगों को तवज्जों नहीं देनी चाहिए जो सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
जयपुर। फिल्म पद्मावत रिलीज के बाद भी फिल्म के खिलाफ विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है, तो वहीं दूसरी ओर फिल्म को लेकर बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। अब इससे आगे बढ़ते हुए जेएलएफ 2018 के दूसरे दिन शुक्रवार को फिल्म पद्मावत को लेकर एक बार फिर नई बयानबाजी सामने आई है। बता दें कि जयपुर लिटरेचर फैस्टिवल में भाग लेने पहुंचे फिल्मकार और लेखक विशाल भारद्वाज ने पद्मावती को लेकर अपनी बात रखते हुए अपनी राय जाहिर की।
उन्होंने साफतौर पर कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड फिल्म को मंजूरी दे चुके हैं, तो इसमें समस्या क्या है? अगर वह कह रहे हैं कि फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है तो फिर ऐसे लोगों को तवज्जों नहीं देनी चाहिए जो सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। चार बाग में ऑन हेमलेट, हैदर, शैक्सपीयर एबीलिटी टू स्पीक ट्रूृथ टू पावर सेशन में विशाल भारद्वाज ने फिल्म 'पद्मावत' पर कहा कि जो हुआ है, वह ठीक नहीं है।
विशाल भारद्वाज ने कहा कि एक इंडस्ट्री के तौर पर हम बहुत निराश और दुखी हैं। साथ ही मैं उम्मीद करता हूं कि राज्यों की सरकारें इतनी मजबूत हों कि इस तरह के विरोध को रोक सकें। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म को सेंसर बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट पास कर चुके हैं तो इसके लिए हिंसक विरोध करने का लोगों को कोई अधिकार नहीं है। तो वहीं इस तरह के प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
इस दौरान सेशन में बातचीत करते हुए उन्होंने कश्मीर के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि वहां कई तरह की समस्याएं हैं। उन्होंने हैदर फिल्म की शूटिंग को याद करते हुए कहा कि कश्मीर में शूटिंग के समय तो समस्या नहीं आई, लेकिन उसके बाद फिल्म रिलीज करने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने एंटीनेशनल होने तक का आरोप लगा दिया, जो कि खासा पीढ़ादायक रहा। वहीं सेशन के दौरान विशाल भारद्वाज ने श्रोताओं के सवालों के जवाब देने के साथ ही उन्हें गाने भी सुनाए।
गौरतलब है कि फिल्म पद्मावत को रिलीज करने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रदेश में फिल्म का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। तो वहीं कई राजपूत संगठनों द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। साथ ही फिल्म जुड़े लोगों का पुतलें भी फूंके जा रहे हैं। ताजा घटनाओं की बात करें तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद फिल्म के विरोध में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। जिसपर सोमवार को उच्चतम न्यायालय इस मामले पर सुनवाई करेगी।