जयपुर

JLF 2023 : …और इस तरह एविरिस्टो बु्रनेल बुकर जीतने वाली पहली अश्वेत महिला बन गईं

लिटरेचर फेस्टिवल के पहले दिन बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका प्रॉफेसर एविरिस्टो बु्रनेल ने अपने बारे में बताया कि उनका बचपन कैसे बीता ....

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JLF 2023 : ...और इस तरह एविरिस्टो बु्रनेल बुकर जीतने वाली पहली अश्वेत महिला बन गईं

साहित्य उत्सव में साहित्यकारों ने पहले ही दिन अपनी उपस्थिति का दमदार अहसास करवाया। लिटरेचर फेस्टिवल के पहले दिन बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका प्रॉफेसर एविरिस्टो बु्रनेल ने अपने बारे में बताया कि उनका बचपन आठ सदस्यों वाले परिवार के बीच गुजरा उनकी मां एक अंग्रेज महिला थी, वहीं उनके पिता एक नाइजीरियन थे। उन्होंने बू्रनेल इंटरनेशनल अफ्रीकन पोएट्री प्राइज की स्थापना की। उनके उपन्यास गर्ल, वुमन, अदर ने संयुक्त रूप से 2019 में मार्गरेट एटवुड के द टेस्टामेंट के साथ बुकर पुरस्कार जीता, जिससे वह बुकर जीतने वाली पहली अश्वेत महिला बन गई।


मैंने देखा कि कैसे पुरस्कार को जीतने से लेखकों के कैरियर में सुधार हो सकता है, उनके काम को मुख्यधारा में लाया जा सकता है। बीस से अधिक वर्षों के बाद 2019 में एवरिस्टो ने ब्लैक ब्रिटिश वुमनहुड के बारे में उपन्यास गर्ल वुमन अदर के लिए जीत हासिल की और मार्गरेट एटवुड के साथ पुरस्कार साझा किया। हालांकि कुछ लोगों ने तर्क दिया कि यह एक बड़ी निराशा थी कि पहली बार एक अश्वेत महिला द्वारा जीते गए पुरस्कार को विभाजित करने के लिए नियमों को तोड़ा गया था।


बु्रनेल ने मेनिफेस्टो में ऑन नेवर गिविंग अप के बारे में कहा कि उनका लेखन अफ्रीकी प्रवासी हितों पर केद्रित है जो शैली, नस्ल, लिंग, संस्कृति, इतिहास और कामुकता की सीमाओं को जोड़ता हैं और उनका पता लगाता हैं। उनका पहला कैरियर थिएटर में था, बाद में उन्होंने लन्दन यूनिवर्सिटी के गोल्डस्मिथ्स से क्रिएटिव राइटिंग में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उनका उपन्यास, उनके परिवार के इतिहास को काल्पनिक रूप से प्रस्तुत करता है।

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