अखिलेश यादव ने 'X'पर लिखा- भाजपाइयों से आग्रह है कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखें और अपने असत्य वचनों व नकारात्मक राजनीति से धर्म-स्थलों की शुचिता भंग न करें। आप ईश्वर को पीठ दिखाकर, उनके पावन-प्रांगण में किसी अन्य व्यक्ति की स्तुति करके, ईश्वर के मान को खंडित न करें, ये पाप है। आप दोनों तो दिखाने को एक साथ हैं, पर जो 'मुख्य हैं' वो कहां हैं? क्या वो आपसे अलग हैं या आप दोनों को उन्होंने अलग कर दिया है। उन्होंने आप दोनों को उस एक संकरी पंगडंडी पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिस पर दो के चलने की जगह भी नहीं हैं।