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Rajasthan Politics : दिव्या मदेरणा ने दुनिया को बताया भारत की ‘आधी आबादी’ का दम, जानें आखिर क्यों खास है ऑक्सफोर्ड ब्लावाटनिक स्कूल का यह दौरा?

राजस्थान की पूर्व विधायक और एआईसीसी की राष्ट्रीय सचिव दिव्या मदेरणा ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भारत का गौरव बढ़ाया है।

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Divya Maderna at Blavatnik School of Government

Divya Maderna at Blavatnik School of Government

राजस्थान की पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की राष्ट्रीय सचिव दिव्या मदेरणा
का यूके दौरा चर्चा में है। दरअसल, उनका ये दौरा इसलिए बेहद खास बन गया, क्योंकि उन्होंने विश्व प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों और बुद्धिजीवियों के बीच भारत की राजनीतिक शक्ति का प्रतिनिधित्व किया। गौरतलब है कि दिव्या, राजस्थान की पहली महिला राजनेता हैं जिन्हें इस विशेष स्कूल में संबोधित करने का गौरव मिला है।   

ऑक्सफोर्ड के मंच से गूंजी राजस्थान की आवाज

दिव्या मदेरणा को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित 'ब्लावाटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट' (Blavatnik School of Government) में व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया था। यहाँ उन्होंने दुनिया भर से आए विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा नेताओं के बीच 'भारत में महिला शक्ति और सार्वजनिक जीवन' (Women, Power, and Public Life in India) विषय पर अपने अनुभव साझा किए।

दिव्या ने मंच से न केवल भारतीय महिलाओं की राजनीतिक चुनौतियों पर बात की, बल्कि यह भी बताया कि कैसे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले नेता लोकतंत्र में बड़े बदलाव ला सकते हैं।

लोकतंत्र और नेतृत्व पर संवाद

पूरे सत्र के दौरान दिव्या मदेरणा ने नेतृत्व, लोकतंत्र और सार्वजनिक सेवा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस अनुभव को साझा करते हुए लिखा, "विश्व भर के छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ प्रतिनिधित्व और सार्वजनिक सेवा के सवालों पर जुड़ना वास्तव में समृद्ध करने वाला अनुभव था। युवा सोच के साथ ऐसा संवाद एक अधिक समावेशी और समान भविष्य की उम्मीद देता है।"

दुनिया भर के युवा नेताओं के बीच राजस्थान का प्रतिनिधित्व

इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल इंग्लैंड ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों के भावी नेता और नीति निर्माता शामिल थे। दिव्या ने उनके साथ विचारों का आदान-प्रदान किया और भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को मजबूती से पेश किया। मदेरणा परिवार की तीसरी पीढ़ी की नेता के रूप में दिव्या ने अपनी प्रशासनिक समझ और राजनीतिक अनुभव का लोहा मनवाया।

क्या ग्लोबल मंच से शुरू होगी राजस्थान की नई राजनीति?

दिव्या मदेरणा का यह दौरा राजस्थान की स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहाँ प्रदेश में सियासी समीकरण बदल रहे हैं, वहीं दिव्या का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय होना उन्हें एक 'ग्लोबल लीडर' के रूप में स्थापित कर रहा है।

ब्लावाटनिक स्कूल के इस सत्र के बाद अब चर्चा इस बात की है कि क्या दिव्या मदेरणा राजस्थान में नई पीढ़ी के युवाओं और महिलाओं के लिए किसी नए विजन के साथ वापसी करेंगी?

यहां संबोधन देने वाले प्रमुख भारतीय

ब्लावात्निक स्कूल समय-समय पर भारतीय नेताओं और विचारकों को चर्चाओं के लिए आमंत्रित करता है। इनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • हेमंत सोरेन (Hemant Soren): झारखंड के मुख्यमंत्री ने यहाँ एक विशेष चर्चा में भाग लिया, जहाँ उन्होंने खनिज संपन्न राज्यों में संतुलित विकास और प्रकृति के साथ तालमेल पर अपने विचार साझा किए।
  • के. अन्नामलाई (K. Annamalai): तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई ने यहाँ "सेवा से नेतृत्व तक" (From Service to Leadership) विषय पर संबोधन दिया और भारत की क्षमता पर बात की।
  • स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal): राज्यसभा सांसद और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने यहाँ भारतीय राजनीति में महिलाओं के अधिकारों और संस्थागत सुधारों पर चर्चा की।
  • योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav): प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक और कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने "India's Democratic Republic in Flux" विषय पर यहाँ अपने विचार रखे।
  • मोंटेक सिंह अहलूवालिया (Montek Singh Ahluwalia): भारत के योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने यहाँ जलवायु एजेंडा और भारत की नीतियों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है।

इसके अतिरिक्त, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भी ऑक्सफोर्ड से अपनी उच्च शिक्षा (D.Phil) प्राप्त की है, और उनकी शैक्षणिक विरासत को इस संस्थान में बहुत सम्मान दिया जाता है।