
जयपुर। जोधपुर के शेरगढ़ क्षेत्र में भुंगरा गांव में गुरुवार शाम शादी के घर में हुए सलेंडर धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। करीब पचास लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। जिनमें से कई की हालत बेहद गंभीर है।
भूमरा गांव में जिस जगह सिलेंडर ब्लास्ट हुआ था। वहां सबसे पहले कांस्टेबल डूंगर सिंह मौके पर पहुंचे। वहां चारों तरफ गैस सिलेंडर में आग लग रही थी। ऐसे में डूंगरसिंह ने अपनी जान की परवाह किए बगैर जलते हुए दो सिलेंडरों को बाहर फेंका। जिससे उनका हाथ जल गया। अगर डूंगर सिंह सिलेंडर बाहर नहीं फेंकते तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
मुख्यमंत्री ने की प्रमोशन की घोषणा
उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों का हाल जाना और उनसे बात की। पीड़ितों के इलाज के लिए डॉक्टर्स सहित प्रशासन को निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांस्टेबल डूंगरसिंह को बहादुरी का इनाम देते हुए उनके प्रमोशन की घोषणा की। सीएम गहलोत ने कहा कि कांस्टेबल डूंगरसिंह ने जो बहादुरी का काम किया है उन्हें इनाम मिलना जरूरी है। समाज में एक ऐसा संदेश जाना चाहिए कि बहादुरी का काम करने पर उन्हें इनाम मिलता है।