
Snow Desert Of India : राजस्थान की सूर्यनगरी जोधपुर का Indian Army जवान सियाचिन में शहीद हो गया। जिले के भोपालगढ़ उपखंड क्षेत्र के अरटिया कलां गांव निवासी भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात हवलदार रामप्रकाश प्रजापत सियाचिन ग्लेशियर में अत्यधिक बर्फबारी में गंभीर रूप से घायल होने के बाद बुधवार को शहीद हो गए।
पार्थिव देह गुरुवार सुबह तक पैतृक गांव अरटिया कलां पहुंचने की उम्मीद है। रामप्रकाश प्रजापत वर्ष 1999 में भारतीय सेना में भर्ती हुए और 6-7 माह से हवलदार के पद पर सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थे। ग्लेशियर में हुई भीषण बर्फबारी के दौरन वह 5 जनवरी को अत्यधिक बर्फ के नीचे दब गए।
भारतीय सेना से मिली जानकारी के अनुसार करीब 7-8 घंटे बर्फ में दबे रहने एवं पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलने पर घायल हो गए थे। उन्हें चंडीगढ़ के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। शहीद रामप्रकाश के परिवार में माता-पिता व पत्नी समुदेवी सहित 16 वर्षीय बेटी मोनिका एवं दो बेटे 13 वर्षीय सुभाष व 10 वर्षीय राहुल हैं।
सियाचिन ग्लेशियर क्या है
सियाचिन दुनिया का सबसे ज्यादा ऊंचा युद्ध स्थल है। भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर स्थित इस क्षेत्र का प्राकृतिक इतिहास भी है। सामरिक रूप से यह बेहद ही महत्वपूर्ण है। सियाचिन समुद्र तल से करीब 5753 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां 1984 से दोनों देशों की सेनाएं यहां तैनात रहती हैं। सियाचिन नाम तिब्बती भाषा बाल्टी से निकला है। सिया का मतलब है गुलाब जबकि चिन का मतलब बिखरा हुआ। यह बर्फीला रेगिस्तान है। यहां चारो तरफ बर्फ कारण जीवन कठिन है।