जयपुर

नई ​अदालतों से बदलेगा न्यायिक अधिकारियों का भाग्य, वक्त से पहले मिलेगी पदो​न्नति

62 को मिलेगा फायदा, सरकार ने हाल ही खोली थी 55 पॉक्सो और 7 सात वाणिज्यिक अदालतें, तदर्थ पदोन्नति करके लगाए जाएंगे जज

2 min read
Aug 23, 2018
नई ​अदालतों से बदलेगा न्यायिक अधिकारियों का भाग्य, वक्त से पहले मिलेगी पदो​न्नति

जयपुर. राजस्थान में हाल ही खोली गई पॉक्सो व वाणिज्यिक अदालतों से कई न्यायिक अधिकारियों की भाग्य बदलने वाला है। इनमें जज लगाने के लिए 62 न्यायिक अफसरों को वक्त से पहले पदोन्नति दी जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। हाईकोर्ट के सामने अभी समस्या यह है कि 55 नई पॉक्सो कोर्ट और 7 नई व्यावसायिक कोर्ट तो खोल दी गई हैं, मगर इनके जज के पदों की गणना 2019 की भर्ती के लिए हो सकती है। सूत्रों के अनुसार इसी कारण फिलहाल 62 न्यायिक अधिकारियों को तदर्थ पदोन्नति देने का रास्ता निकाला जा रहा है। इस बीच 48 नए एडीजे की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ जाएगी। उधर, राजस्थान न्यायिक सेवा के अधिकारियों की भर्ती की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। ऐसे में हाईकोर्ट को जल्द ही काफी संख्या में नए न्यायिक अधिकारी मिलने वाले हैं और मार्च अंत तक खाली पदों की गणना फिर हो जाएगी। उसके बाद खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

नई कोर्ट के लिए भवन की समस्या
नई कोर्ट खुलने के साथ ही उनके लिए भवन की समस्या खड़ी हो गई है। सरकार ने अभी तक नई कोर्ट के लिए भवन उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे में इन 62 नई कोर्ट में स्थायी न्यायाधीश नियुक्त होने पर अदालत चलाने के लिए जगह की समस्या आएगी, क्योंकि अभी तो अतिरिक्त चार्ज दिया गया और जिन न्यायाधीशों को चार्ज दिया गया है उनके पास पहले से भवन उपलब्ध है।

पोक्सो कोर्ट का दायरा
सरकार ने वर्ष 2012 में एक विशेष कानून बनाया था, जो बच्चों को छेडख़ानी, दुष्कर्म व कुकर्म जैसे मामलों से सुरक्षा प्रदान करता है। पोक्सो शब्द अंग्रेजी से आता है। इसका पूर्णकालिक मतलब होता है ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012’ यानी लैंगिक उत्पीडऩ से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012. इस कोर्ट के दायरे में नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है। यह कोर्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह कोर्ट नाबालिक बालक और बालिकाओं दोनों के लैंिगंक उत्पीड़न के मामले मे सुनवाई कर सकता है। राजस्थान में अब कुल 56 पोक्सो अदलतें हो गर्ई। हाईकोर्ट के दखल के बाद ये कोर्ट खोली गई हैं।

अब 8 कॉमर्शियल कोर्ट
कॉमशियल कोर्ट के दायरे में वाणिज्यिक विभाग आएंगे ताकि उद्योगों से जुड़े लोगों को अब अदालत की प्रक्रिया में चक्कर नहीं काटने पडें, इसके लिए यह अलग से कानून बनाया गया। इसके तहत प्रदेशभर की एक ही कोर्ट जो जयपुर में थी, हाईकोर्ट में मामला पहुंचा कि प्रदेशभर की एक ही कोर्ट से न्याय मिलना संभव नहीं है, इसलिए सरकार ने सात और नई कोर्ट खोलने का निर्णय किया है। अब कुल आठ वाणिज्यिक अदालतें हो गई हैं।

Published on:
23 Aug 2018 01:32 am
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